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Jharkhand High Court: ईडी केस में सरकार पर 8 हजार का जुर्माना

जवाब दाखिल करने के लिए मांगा अतिरिक्त समय, झालसा में राशि जमा करने का निर्देश

Jharkhand High Court: झारखंड हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार पर 8 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। सोमवार, 2 नवंबर 2026 को न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया था। इस पर अदालत ने जुर्माना लगाया और राशि झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) में जमा करने का निर्देश दिया। मामले में अगली सुनवाई 9 दिसंबर को होगी।

Jharkhand High Court: पहले भी लगा था 10 हजार रुपये का जुर्माना

इस मामले में राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए पहले भी समय दिया गया था। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रतिवादी संख्या दो के रूप में शामिल मुख्यमंत्री को जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया था। उस समय भी अतिरिक्त समय मांगे जाने पर अदालत ने 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके बावजूद जवाब दाखिल करने के लिए फिर समय मांगे जाने पर अदालत ने सोमवार को दोबारा जुर्माना लगाया।

अदालत ने इस बार 8 हजार रुपये की राशि झालसा में जमा करने का निर्देश दिया है। हालांकि, जुर्माने के आदेश के बावजूद मामले के मूल विवाद पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। अगली सुनवाई में याचिका से जुड़े कानूनी पहलुओं और पक्षकारों के जवाब पर आगे की कार्यवाही होने की उम्मीद है।

Jharkhand High Court: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की शिकायत से जुड़ा है मामला

यह मामला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी से जुड़ा है। 31 जनवरी 2024 को रांची के एससी-एसटी थाने में ईडी के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसमें तत्कालीन अधिकारियों कपिल राज, देवव्रत झा, अनुपम कुमार, अमन पटेल समेत अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए थे।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ईडी की कार्रवाई और पूछताछ के दौरान मुख्यमंत्री को कथित रूप से प्रताड़ित किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि मीडिया के जरिए उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई। ये शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप हैं। इनकी सत्यता पर अदालत का अंतिम फैसला अभी नहीं आया है।

ईडी अधिकारियों ने हाई कोर्ट में दी चुनौती

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद ईडी अधिकारियों ने झारखंड हाई कोर्ट का रुख किया। उन्होंने प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग की। याचिका में प्राथमिकी के आधार पर चल रही जांच और उससे जुड़ी कानूनी कार्यवाही को भी रद्द करने का अनुरोध किया गया है।

याचिकाकर्ताओं का पक्ष अदालत में वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरभ कुमार ने रखा। इससे पहले हाई कोर्ट ने मामले में ईडी अधिकारियों के खिलाफ पुलिस की ओर से जारी नोटिस और संबंधित कार्रवाई पर रोक लगाई थी। अदालत ने संबंधित पक्षों से जवाब भी मांगा था।

नौ दिसंबर को फिर होगी सुनवाई

सोमवार की सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त समय मांगे जाने पर 8 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इससे पहले भी जवाब दाखिल करने में देरी के कारण 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। अब मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर को निर्धारित की गई है।

अगली सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से दाखिल किए जाने वाले जवाब और याचिका से जुड़े कानूनी पहलुओं पर आगे की कार्यवाही हो सकती है। फिलहाल, हाई कोर्ट ने प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग पर अंतिम निर्णय नहीं दिया है। इसलिए मामले में सभी पक्षों के आरोपों और दलीलों पर न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है।

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