छतरपुर के मनहूं गांव में देवी मंदिर के पास मिली बच्ची, ग्रामीणों ने मां को पकड़ा
Palamu Newborn: झारखंड के पलामू जिले में नवजात बच्ची मिलने का एक गंभीर मामला सामने आया है। छतरपुर थाना क्षेत्र के मनहूं गांव में शुक्रवार रात देवी मंदिर के पास धान के खेत की मेड़ पर एक नवजात बच्ची मिली। बच्ची जन्म के कुछ घंटे बाद ही वहां पहुंचाई गई थी। वह बिना कपड़ों के खेत की मेड़ पर पड़ी थी। ग्रामीणों की नजर पड़ने के बाद उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। चिकित्सकों ने उसे आईसीयू में भर्ती किया है। वहीं, बच्ची की मां का भी अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलने के बाद छतरपुर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
Palamu Newborn: मछली पकड़ रहे युवकों को महिलाओं की गतिविधियों पर हुआ शक
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात तीन महिलाएं पूजा-पाठ की सामग्री लेकर गांव से दूर स्थित देवी मंदिर के पास पहुंची थीं। मंदिर के आसपास धान के खेत हैं। इन दिनों खेतों में पानी जमा होने के कारण कुछ युवक वहां मछली पकड़ रहे थे।
इसी दौरान युवकों की नजर मंदिर के पास मौजूद महिलाओं पर पड़ी। उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर युवकों को शक हुआ। बताया जाता है कि महिलाएं वहां पूजा की तैयारी कर रही थीं। इसी बीच युवकों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनते ही दो महिलाएं मौके से भाग निकलीं। हालांकि, तीसरी महिला को ग्रामीणों ने पकड़ लिया।
बाद में पता चला कि पकड़ी गई महिला ही नवजात बच्ची की मां है। ग्रामीणों ने महिला से घटना के संबंध में पूछताछ की। बच्ची को इस तरह सुनसान जगह पर पाए जाने से ग्रामीणों के बीच कई तरह की आशंकाएं पैदा हुईं। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
Palamu Newborn: बच्ची को गर्म कपड़े में लपेटकर अस्पताल ले गए जहीर अंसारी
घटना की जानकारी मिलने के बाद मुनकेरी गांव निवासी जहीर अंसारी को ग्रामीणों ने फोन किया। उन्हें बताया गया कि मनहूं गांव में देवी मंदिर के पास धान के खेत की मेड़ पर एक नवजात बच्ची पड़ी है। सूचना मिलते ही जहीर अंसारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्ची को देखा तो उसकी हालत काफी नाजुक थी। इसके बाद उन्होंने बिना देर किए बच्ची को गर्म कपड़े में लपेटा और पकड़ी गई महिला के साथ अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया।
जहीर अंसारी ने इस घटना की जानकारी छतरपुर थाना प्रभारी को भी दी। अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे आईसीयू में भर्ती कर लिया। बच्ची को विशेष चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। वहीं, उसकी मां का भी उपचार किया जा रहा है। फिलहाल दोनों की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी सामने नहीं आई है।
पकड़ी गई महिला की पहचान मंजू देवी के रूप में हुई
ग्रामीणों के मुताबिक, पकड़ी गई महिला की पहचान छतरपुर नगर पंचायत क्षेत्र के मंदेया गांव स्थित भल्ही टोला निवासी मंजू देवी के रूप में हुई है। वह रविंद्र उरांव की पत्नी है। बताया गया है कि नवजात बच्ची को जन्म भी मंजू देवी ने ही दिया था।
जानकारी के अनुसार, मंजू देवी के पहले से दो बेटे और दो बेटियां हैं। नवजात बच्ची उनकी पांचवीं संतान है। इस घटना के सामने आने के बाद परिवार और आसपास के इलाके में भी चर्चा शुरू हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर गांव से दूर खेतों के बीच एक सुनसान स्थान पर स्थित है। ऐसे में नवजात बच्ची को वहां ले जाने के पीछे क्या वजह थी, यह जांच का अहम विषय बन गया है।
महिला के पास से मिली पूजा-पाठ की सामग्री
मौके पर पकड़ी गई महिला के पास मौजूद पॉलीथिन की तलाशी में सिंदूर, बिंदी, कंघी और पूजा-पाठ से जुड़ी अन्य सामग्री मिलने की बात सामने आई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए ग्रामीणों ने बच्ची को वहां छोड़े जाने के पीछे किसी धार्मिक अनुष्ठान या अंधविश्वास से जुड़ी आशंका जताई है।
हालांकि, ग्रामीणों की ओर से जताई गई आशंका को अभी प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। पुलिस ने भी अब तक बच्ची को मंदिर के पास लाने के पीछे की वजह को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। यह स्पष्ट होना बाकी है कि महिला के साथ आई दोनों अन्य महिलाओं की पहचान क्या है और वे किस उद्देश्य से वहां पहुंची थीं।
जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता लगाना होगा कि नवजात बच्ची को खेत की मेड़ पर किन परिस्थितियों में रखा गया। क्या महिला को किसी ने ऐसा करने के लिए कहा था या इसके पीछे कोई अन्य पारिवारिक अथवा सामाजिक कारण था? इन सभी पहलुओं की पड़ताल जरूरी है।
अस्पताल पहुंची पुलिस, हर पहलू से हो रही जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद छतरपुर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने बच्ची की मां और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों के संबंध में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। मामले में ग्रामीणों से भी पूछताछ की जा सकती है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शुक्रवार रात मंदिर के पास वास्तव में क्या हुआ था।
इस मामले में दो महिलाओं का मौके से भाग जाना भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पुलिस उनकी पहचान और भूमिका का पता लगाने का प्रयास करेगी। इसके साथ ही बच्ची को मंदिर तक लाने, वहां छोड़ने और उसके बाद हुई घटनाओं की कड़ी जोड़ने की जरूरत है।
एसपी कपिल चौधरी ने दिए जांच के निर्देश
पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने शनिवार को मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि छतरपुर पुलिस को घटना की जांच करने और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बाद स्थानीय पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल में जुटी है। फिलहाल बच्ची को खेत की मेड़ पर छोड़ने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस की जांच और संबंधित लोगों से पूछताछ के बाद ही घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।
इस घटना ने नवजात बच्चियों की सुरक्षा और उनके प्रति सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता बच्ची का बेहतर उपचार और उसकी जान बचाना है। पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि आखिर जन्म के कुछ ही घंटे बाद बच्ची को सुनसान खेत की मेड़ पर क्यों छोड़ा गया था।
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