गुईगांव स्कूल में शिक्षकों की कमी पर अभिभावकों और विद्यार्थियों ने जताया विरोध
Chakradharpur News: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय गुईगांव में शिक्षकों की कमी का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। गुलकेड़ा पंचायत के इस विद्यालय में पढ़ाई की व्यवस्था सुधारने की मांग को लेकर शुक्रवार को अभिभावकों, ग्रामीणों, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों और विद्यार्थियों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा विभाग से जल्द पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था करने की मांग की। उनकी प्रमुख मांग है कि दूसरे विद्यालयों में प्रतिनियुक्त किए गए शिक्षकों को वापस गुईगांव स्कूल भेजा जाए।
Chakradharpur News: 178 विद्यार्थियों की पढ़ाई संभाल रहे सिर्फ दो शिक्षक
विद्यालय में कक्षा एक से आठवीं तक कुल 178 विद्यार्थी नामांकित हैं। इसके बावजूद पिछले कई महीनों से केवल दो शिक्षकों के सहारे पढ़ाई चल रही है। ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय में कुल चार शिक्षक पदस्थापित हैं। इनमें से दो शिक्षकों को करीब तीन महीने पहले दूसरे विद्यालयों में प्रतिनियुक्त कर दिया गया था। इसके बाद से स्कूल में शिक्षकों की संख्या घटकर आधी रह गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में बच्चों को पढ़ाने के लिए दो शिक्षक पर्याप्त नहीं हैं। उन्हें अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक साथ संभालना पड़ता है। इससे नियमित कक्षाओं का संचालन प्रभावित होता है। बच्चों को विषयवार पढ़ाई का पूरा अवसर नहीं मिल पा रहा है। विद्यालय की दूसरी शैक्षणिक गतिविधियों को संचालित करने में भी परेशानी हो रही है।
Chakradharpur News: कक्षा छह से आठवीं तक के 97 विद्यार्थी भी प्रभावित
विद्यालय में नामांकित 178 विद्यार्थियों में कक्षा छह से आठवीं तक के 97 बच्चे शामिल हैं। इन कक्षाओं में विषयों की पढ़ाई और पाठ्यक्रम पूरा कराने के लिए नियमित समय देना जरूरी है। लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण यह काम चुनौतीपूर्ण हो गया है। दो शिक्षकों को सभी आठ कक्षाओं की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है।
अभिभावकों ने चिंता जताई कि यदि समय पर शिक्षकों की व्यवस्था नहीं हुई, तो बच्चों की पढ़ाई पर इसका असर और बढ़ सकता है। उनका कहना है कि प्राथमिक कक्षाओं से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों की जरूरतें अलग-अलग हैं। ऐसे में सीमित शिक्षकों के भरोसे सभी कक्षाओं को व्यवस्थित ढंग से चलाना आसान नहीं है।
प्रतिनियुक्त शिक्षकों को वापस बुलाने की मांग
धरना दे रहे ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से मांग की कि दूसरे विद्यालयों में भेजे गए दोनों शिक्षकों को तत्काल वापस बुलाया जाए। यदि किसी कारण से उनकी वापसी संभव नहीं है, तो विद्यालय में वैकल्पिक रूप से पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बच्चों की शिक्षा से जुड़ी इस समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाना चाहिए।
ग्रामीणों के मुताबिक, विद्यालय में शिक्षकों की कमी कोई छोटी प्रशासनिक परेशानी नहीं है। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। इसलिए विभाग को जल्द निर्णय लेना चाहिए। अभिभावकों ने अधिकारियों से हस्तक्षेप कर स्कूल में पढ़ाई का माहौल बेहतर बनाने की अपील की।
पहले भी उठ चुका है शिक्षकों की कमी का मामला
गुईगांव विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामीण पहले भी अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं। जुलाई 2026 में भी इस मुद्दे पर विद्यालय प्रबंधन समिति और अभिभावकों की बैठक हुई थी। उस दौरान भी 178 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की बात उठाई गई थी। बैठक में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराने का निर्णय लिया गया था। इसके बावजूद समस्या बनी रहने पर ग्रामीणों ने अब धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाया।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
प्रदर्शन में शामिल अभिभावकों ने कहा कि बच्चों का भविष्य उनके लिए सबसे अहम है। वे चाहते हैं कि विद्यालय में नियमित पढ़ाई हो और सभी कक्षाओं को पर्याप्त समय मिल सके। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि शिक्षा विभाग जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाता है, तो वे अपना आंदोलन आगे भी जारी रख सकते हैं। फिलहाल उनकी मांग है कि प्रतिनियुक्त शिक्षकों की वापसी सुनिश्चित की जाए या उनके स्थान पर दूसरे शिक्षकों की व्यवस्था की जाए।
धरना-प्रदर्शन में ये लोग रहे मौजूद
धरना-प्रदर्शन के दौरान गुलकेड़ा पंचायत की मुखिया लक्ष्मी केराई, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सुखलाल जारिका, पूर्व सैनिक सह सामाजिक कार्यकर्ता दयासागर केराई और मुंडा आनंद बागुन बोयपाई मौजूद रहे। इनके अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण, अभिभावक और स्कूली बच्चे भी प्रदर्शन में शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में विद्यालय में शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग उठाई।
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