Jamshedpur/Jharkhand : बर्मामाइंस स्थित ईस्ट प्लांट बस्ती में बुधवार से सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य आगाज हुआ। पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। कथा के शुभारंभ से पहले सुबह भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यह यात्रा ईस्ट प्लांट बस्ती से प्रारंभ होकर सोनारी दोमुहनी तक पहुंची।
पहले दिन श्रद्धालुओं ने जाना भागवत महात्म्य
श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिन वृंदावन से आए कथावाचक पवन कृष्ण शास्त्री ने भागवत महात्म्य का विस्तृत वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति के मार्ग से जोड़ने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि स्वयं भगवान का साकार स्वरूप है।उन्होंने अपने प्रवचन में बताया कि कलयुग में केवल भागवत कथा का श्रवण करने मात्र से ही मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश होता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। उनके ओजस्वी वचनों और भावपूर्ण प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण में डुबो दिया।
प्रतिदिन शाम 4 से रात 8 बजे तक होगी कथा
आयोजन समिति के मुख्य संयोजक राजेश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह धार्मिक आयोजन 1 अप्रैल तक जारी रहेगा। कथा का समय प्रतिदिन शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक निर्धारित किया गया है। उन्होंने क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमियों से इस ज्ञान यज्ञ में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की।
भक्ति और सत्संग के महत्व पर विशेष जोर
कथावाचक पवन कृष्ण शास्त्री ने अपने प्रवचन के दौरान भक्ति, सत्संग और प्रभु की शरणागति के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए सत्संग अत्यंत आवश्यक है और यही मार्ग मनुष्य को आध्यात्मिक उन्नति की ओर ले जाता है।
इस आयोजन के माध्यम से पूरे क्षेत्र में भक्ति की सरिता बह रही है और श्रद्धालु बड़ी संख्या में कथा का रसपान करने पहुंच रहे हैं।
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