गम्हरिया थाना कांड पर पूर्व मुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी, दोषी पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी और वरीय अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग
Seraikela News: सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में एक महिला के साथ कथित दुष्कर्म के मामले ने झारखंड की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता चंपाई सोरेन ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। रविवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने घटना पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि न्याय और सुरक्षा की उम्मीद लेकर थाने पहुंची महिला के साथ यदि पुलिस परिसर में ही ऐसी घटना होती है, तो आम लोगों का भरोसा कैसे कायम रहेगा। चंपाई सोरेन ने मामले में केवल निलंबन को पर्याप्त नहीं बताया। उन्होंने आरोपित पुलिसकर्मियों की सेवा समाप्त करने और वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
Seraikela News: चंपाई सोरेन ने एक्स पर जताई नाराजगी
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में कहा कि पुलिस का काम आम नागरिकों को सुरक्षा देना और उनकी शिकायतों पर कार्रवाई करना है। लेकिन इस मामले ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई महिला घरेलू विवाद से परेशान होकर पुलिस से मदद मांगती है, तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की होती है। थाने के भीतर ही ऐसी घटना होना बेहद गंभीर मामला है।
चंपाई सोरेन ने यह भी आरोप लगाया कि महिला को देर रात नियमों की अनदेखी करते हुए थाने लाया गया। उस समय वहां महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी भी नहीं थी। उन्होंने सवाल उठाया कि महिला सुरक्षा के दावों के बीच यदि थाने में ही फरियादी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम महिलाएं न्याय की उम्मीद किससे करेंगी।
Seraikela News: घरेलू विवाद के बाद पुलिस से मांगी थी सहायता
मामला 29 अक्टूबर 2026 की रात का है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, महिला अपने पति के साथ बाजार से लौट रही थी। इसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। महिला को घर में मारपीट की आशंका हुई। इसके बाद वह एक स्थानीय महिला की मदद से पुलिस तक पहुंची और सुरक्षा मांगी।
सूचना मिलने पर गम्हरिया थाना की पीसीआर टीम मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मी महिला को रात करीब 12 बजे थाने लेकर आए। वहां उसे आराम करने के लिए एक कमरे में रहने को कहा गया। महिला की शिकायत के अनुसार, इसी दौरान थाने में तैनात वायरलेस ऑपरेटर सिपाही नीरज लकड़ा ने उसके साथ कथित दुष्कर्म किया।
महिला ने अपनी शिकायत में घटना के दौरान मदद नहीं मिलने का भी आरोप लगाया है। उसने बताया कि उसने पुलिसकर्मियों से सहायता मांगी थी। लेकिन उसे तत्काल मदद नहीं मिली। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस अब संबंधित कर्मियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
शिकायत के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी, आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद महिला ने अपने परिवार को पूरी जानकारी दी। इसके बाद उसने गम्हरिया थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। मामले में वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा को मुख्य आरोपित बनाया गया है।
पुलिस ने नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। उसे न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की भी जानकारी सामने आई है। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों को सुरक्षित करने की कार्रवाई की है। आरोपी के कपड़ों को भी जब्त किया गया है। इन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
पुलिस ने घटनास्थल वाले कमरे को सील कर दिया है। इसका उद्देश्य जांच से जुड़े साक्ष्यों को सुरक्षित रखना है। महिला का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया है। पुलिस अब शिकायत, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित पुलिसकर्मियों के बयानों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
Seraikela News: थाना प्रभारी संजय प्रसाद समेत छह पुलिसकर्मी निलंबित
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने विभागीय कार्रवाई की है। गम्हरिया थाना प्रभारी संजय प्रसाद समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
निलंबित पुलिसकर्मियों में थाना प्रभारी संजय प्रसाद, सब इंस्पेक्टर मनोज साहू, अनिरुद्ध सिंह, हवलदार मुनेश्वर कुमार, आरक्षी संतोष राय और आरोपी सिपाही नीरज लकड़ा शामिल हैं। इन पुलिसकर्मियों पर कर्तव्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता से जुड़े आरोपों के आधार पर कार्रवाई की गई है।
इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से केवल मुख्य आरोपित के खिलाफ कार्रवाई ही नहीं की जा रही है। थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। घटना के समय ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी किस तरह निभाई, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज के नेतृत्व में एसआईटी गठित
पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सरायकेला एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। एसआईटी ने गम्हरिया थाना पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। संबंधित पुलिसकर्मियों से पूछताछ भी की गई है।
जांच टीम का मुख्य उद्देश्य घटना से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की पुष्टि करना है। इसके लिए पीड़िता के बयान, पुलिसकर्मियों की भूमिका और उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है। घटनास्थल वाले कमरे को सील करने के साथ अन्य जरूरी साक्ष्य भी सुरक्षित किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। जांच में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी हो चुकी है और विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस थानों में महिला सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
गम्हरिया थाना परिसर की इस घटना ने पुलिस थानों में महिला शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा और पुलिसकर्मियों की जवाबदेही को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। आमतौर पर घरेलू विवाद, उत्पीड़न या अन्य समस्याओं से परेशान महिलाएं सबसे पहले पुलिस से सहायता की उम्मीद करती हैं। ऐसे में थाने के भीतर ही किसी महिला के साथ कथित अपराध का मामला सामने आना पुलिस व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है।
चंपाई सोरेन ने इसी मुद्दे को उठाते हुए कहा है कि निलंबन मात्र से जिम्मेदारी पूरी नहीं होती। दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया जाना चाहिए। साथ ही, यह भी जांच होनी चाहिए कि थाने में तैनात कर्मियों की निगरानी करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों की क्या जिम्मेदारी बनती है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच जारी है। एसआईटी की रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। वहीं, चंपाई सोरेन की मांग के बाद यह मामला राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा में आ गया है। अब सभी की नजर जांच के नतीजों और पुलिस प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर है।
Read also: Latehar News: पहाड़ी मंदिर से मां पार्वती का मुकुट चोरी


