- रामनवमी विवाद और वर्चस्व की लड़ाई ने ली एक और जान
जमशेदपुर: सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के छायानगर डब्बा लाइन स्थित सामुदायिक भवन के सामने हुई हिंसक झड़प ने आखिरकार एक युवक की जान ले ली। 31 मार्च को दो गुटों के बीच हुए संघर्ष में गंभीर रूप से घायल सन्नी पुष्टि की गुरुवार को टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में इलाज के दौरान मौत हो गई।
रामनवमी से शुरू हुआ विवाद, हिंसा में बदला
बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत रामनवमी के दौरान छेड़खानी को लेकर हुई थी, जो धीरे-धीरे बढ़ते हुए 31 मार्च को हिंसक टकराव में बदल गया। दोनों गुटों के बीच हुई इस भिड़ंत में ताबड़तोड़ फायरिंग के साथ-साथ चापड़ (धारदार हथियार) से हमला किया गया था।
गोली और चापड़ से गंभीर रूप से घायल हुआ था सन्नी
इस घटना में सन्नी पुष्टि को गोली लगने के साथ-साथ चापड़ से भी कई वार किए गए थे, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे तत्काल टीएमएच में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। जानकारी के अनुसार, सन्नी की एक आंख में गोली लगी थी, जबकि सिर और हाथ पर भी गहरे जख्म थे।
दूसरा युवक घायल, इलाज के बाद छुट्टी
इस हिंसक झड़प में नंदू लोहार नामक युवक भी घायल हुआ था। हालांकि इलाज के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी, लेकिन सन्नी की हालत में सुधार नहीं हो सका।
मौत के बाद अस्पताल में हंगामा, परिजनों का प्रदर्शन
सन्नी की मौत की खबर मिलते ही उसके परिजन गुरुवार को अस्पताल पहुंचे और जमकर हंगामा किया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जल्द से जल्द सख्त सजा की मांग की। स्थिति को देखते हुए अस्पताल परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
सभी आरोपी पहले ही गिरफ्तार, अब हत्या की धारा जोड़ी जाएगी
सीतारामडेरा थाना प्रभारी आनंद मिश्रा ने बताया कि घटना में शामिल सभी आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब सन्नी की मौत के बाद मामले में हत्या की धारा जोड़कर आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



