मानगो में विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा और करियर के अवसरों की जानकारी दी गई
FutureSkills Prime: जमशेदपुर के मानगो स्थित करीम सिटी कॉलेज में गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को फ्यूचरस्किल्स प्राइम आउटरीच वर्कशॉप का आयोजन किया गया। होपलाइन (Hopeline) के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में इंटरमीडिएट के कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल कौशल, तकनीकी शिक्षा और रोजगार से जुड़े अवसरों के प्रति जागरूक करना था। इसमें सत्र 2025–2027 के विद्यार्थियों की भागीदारी रही।
FutureSkills Prime वर्कशॉप में डिजिटल कौशल पर जोर
आज के दौर में शिक्षा के साथ तकनीकी जानकारी और डिजिटल दक्षता भी महत्वपूर्ण हो गई है। विभिन्न क्षेत्रों में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से विद्यार्थियों के लिए नए अवसर सामने आ रहे हैं। ऐसे में डिजिटल कौशल की बुनियादी समझ विकसित करना उनके भविष्य के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। करीम सिटी कॉलेज में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य भी विद्यार्थियों को बदलती तकनीकी जरूरतों से परिचित कराना था।
कार्यशाला में विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के महत्व और भविष्य में उपलब्ध करियर विकल्पों के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य उन्हें अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित करना था। हालांकि, जारी प्रेस विज्ञप्ति में कार्यशाला के दौरान कराए गए विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल, वक्ताओं के नाम या व्यावहारिक गतिविधियों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।
FutureSkills Prime से रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा
फ्यूचरस्किल्स प्राइम डिजिटल कौशल विकास से जुड़ी एक पहल है। इसकी शुरुआत नैसकॉम (NASSCOM) और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की साझेदारी में की गई है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और अन्य शिक्षार्थियों को उभरती तकनीकों से संबंधित कौशल हासिल करने के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में सीखने के विकल्प मिलते हैं।
डिजिटल कौशल का महत्व केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है। आज शिक्षा, संचार, व्यापार और कई अन्य क्षेत्रों में डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए तकनीक की समझ विकसित करना और नए कौशल सीखना उपयोगी हो सकता है। इस तरह की जागरूकता कार्यशालाएं विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और रोजगार की संभावनाओं के बारे में सोचने का अवसर देती हैं।
कॉलेज प्राचार्य के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन
करीम सिटी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रियाज के मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यशाला को सफल बनाने में इंटरमीडिएट इंचार्ज मोहम्मद शहनवाज आलम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा शिक्षक डॉ. महफूज आलम, दुलाल दास और बलराम पोद्दार ने भी कार्यक्रम के आयोजन में योगदान दिया।
कॉलेज स्तर पर इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों को नियमित पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर नए विषयों को समझने का अवसर देते हैं। इससे उन्हें अपनी शैक्षणिक दिशा और भविष्य की योजनाओं पर विचार करने में मदद मिल सकती है। खासकर इंटरमीडिएट स्तर पर विद्यार्थियों के लिए विभिन्न करियर विकल्पों की जानकारी प्राप्त करना महत्वपूर्ण होता है।
कला, विज्ञान और वाणिज्य के विद्यार्थियों की भागीदारी
इस कार्यशाला में सत्र 2025–2027 के कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। तीनों संकायों के विद्यार्थियों की भागीदारी का उद्देश्य उन्हें डिजिटल कौशल और तकनीकी शिक्षा के प्रति जागरूक करना था। तकनीकी दक्षता आज अलग-अलग शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों के लिए उपयोगी मानी जाती है।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। बदलते समय में केवल किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक समझ और तकनीकी जानकारी भी महत्वपूर्ण होती जा रही है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए नए कौशल सीखने और रोजगार से जुड़े विकल्पों की जानकारी हासिल करने के अवसर उपयोगी साबित हो सकते हैं।
करीम सिटी कॉलेज, मानगो में आयोजित यह कार्यशाला विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा और करियर के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक पहल रही। कॉलेज प्रबंधन और शिक्षकों के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम का मुख्य संदेश विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार होने के लिए प्रेरित करना था।
Read aslo:Karim City College: जेंडर समानता पर ‘गुफ्तगू’ का आयोजन


