पश्चिमी सिंहभूम, 14 अप्रैल: दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल में बीते दिनों रेल ट्रैक पर मवेशियों के आने और बिना वजह इमरजेंसी चेन पुलिंग की घटनाओं ने रेल परिचालन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील करते हुए सुरक्षा नियमों का पालन करने का आग्रह किया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, 2 अप्रैल से 11 अप्रैल 2026 के बीच मवेशियों के ट्रैक पर आने की वजह से कुल 679 मिनट (11 घंटे 19 मिनट) का डिटेंशन दर्ज किया गया, जिससे 24 ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। इस दौरान टाटा-झारसुगुड़ा और नुआगांव-राउरकेला सेक्शन सबसे अधिक प्रभावित रहे।
रेलवे प्रशासन ने बताया कि बिना वैध कारण के इमरजेंसी चेन पुलिंग करना दंडनीय अपराध है। जनवरी 2026 से 8 अप्रैल 2026 तक कुल 297 चेन पुलिंग के मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 276 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें जनवरी में 94, फरवरी में 74, मार्च में 141 और अप्रैल (8 अप्रैल तक) में 30 मामले सामने आए।
रेलवे ने परिचालन को सुचारू बनाए रखने के लिए 14 अप्रैल से 19 अप्रैल के बीच कई ट्रेनों को रद्द, आंशिक रूप से रद्द, रीशेड्यूल और डायवर्ट किया है।
- आद्रा-आसनसोल, आद्रा-मिदनापुर, बोकारो-चंद्रपुरा समेत कई मेमू ट्रेनें रद्द की गई हैं।
- कुछ ट्रेनों को आद्रा स्टेशन तक सीमित किया गया है।
- कई ट्रेनों के समय में 1 से 2 घंटे तक बदलाव किया गया है।
- टाटा-हटिया एक्सप्रेस को अब सीनी-गुंडा बिहारी-मुरी मार्ग से चलाया जा रहा है।
इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने 01441/01442 पुणे-सांतरागाछी-पुणे समर स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है, जो अप्रैल माह में निर्धारित तिथियों पर विभिन्न स्टेशनों से होकर गुजरेगी।
रेलवे प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने मवेशियों को रेलवे ट्रैक के पास न छोड़ें और बिना वजह चेन पुलिंग से बचें, ताकि रेल सेवाएं सुरक्षित और समय पर संचालित हो सकें।
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