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Chaibasa News: विजय सुंडी ने चीन को हराकर जीता गोल्ड

हरविंदर सिंह के साथ भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 5-1 से दर्ज की जीत, पश्चिमी सिंहभूम में जश्न का माहौल

Chaibasa News: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के तीरंदाज विजय सुंडी ने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर शानदार उपलब्धि हासिल की है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित पांचवें एशियाई पैरा खेलों में उन्होंने भारतीय टीम के लिए स्वर्ण पदक जीता। पुरुष रिकर्व युगल स्पर्धा के फाइनल में विजय सुंडी और पैरालंपिक चैंपियन हरविंदर सिंह की जोड़ी ने चीन को 5-1 से हराया। इस जीत के साथ भारतीय जोड़ी ने प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान हासिल किया। विजय सुंडी की इस उपलब्धि से चाईबासा और पूरे पश्चिमी सिंहभूम जिले में खुशी की लहर है।

Chaibasa News: फाइनल में चीन को पछाड़कर भारत ने जीता स्वर्ण

पुरुष रिकर्व युगल स्पर्धा का फाइनल भारत और चीन के बीच खेला गया। भारतीय जोड़ी के सामने चीन के युन डुओ और झाओ लिक्सू की चुनौती थी। मुकाबले के पहले सेट में दोनों टीमों ने 35-35 अंक हासिल किए। इसके बाद भारतीय तीरंदाजों ने अपनी लय मजबूत की। दूसरे सेट में विजय सुंडी और हरविंदर सिंह ने 37-36 से बढ़त बनाई। तीसरे सेट में भी भारतीय जोड़ी ने शानदार निशानेबाजी की और 38-36 से जीत दर्ज की। इस तरह भारत ने मुकाबला 5-1 से अपने नाम कर लिया। आखिरी दो सेट में भारतीय खिलाड़ियों की सटीक निशानेबाजी ने जीत सुनिश्चित की।

Chaibasa News: विजय सुंडी की कामयाबी से झारखंड का बढ़ा मान

विजय सुंडी की यह उपलब्धि पश्चिमी सिंहभूम जिले के लिए गर्व का विषय है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने राज्य के खेल जगत को नई पहचान दी है। उनकी सफलता से स्थानीय खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में उत्साह है। प्रतियोगिता में भारतीय जोड़ी ने दबाव के बीच बेहतर तालमेल दिखाया। विजय सुंडी ने अनुभवी तीरंदाज हरविंदर सिंह के साथ मिलकर भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम योगदान दिया। यह जीत उनके खेल कौशल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाती है।

अनुभवी हरविंदर सिंह के साथ शानदार तालमेल

भारतीय जोड़ी में हरविंदर सिंह का अनुभव और विजय सुंडी का प्रदर्शन जीत की अहम कड़ी रहा। हरविंदर सिंह पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता हैं। दोनों खिलाड़ियों ने फाइनल में एकाग्रता बनाए रखी। शुरुआती सेट बराबर रहने के बाद भारतीय टीम ने अगले दोनों सेट में बढ़त बनाई। चीन की जोड़ी अंतिम चरण में भारतीय खिलाड़ियों की बराबरी नहीं कर सकी। पुरुष रिकर्व युगल का यह स्वर्ण पदक एशियाई पैरा खेलों में भारतीय तीरंदाजी अभियान की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हो गया है।

जिले के खेल प्रेमियों ने दी बधाई

विजय सुंडी की जीत की खबर से पश्चिमी सिंहभूम जिले में खुशी का माहौल है। खेल प्रेमियों, शुभचिंतकों और जिलावासियों ने उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता जताई है। लोगों को उम्मीद है कि विजय सुंडी आगे भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करेंगे। उनकी इस सफलता को मेहनत, अनुशासन और लगातार अभ्यास का परिणाम माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर ऐसी उपलब्धियां युवा खिलाड़ियों को खेलों से जुड़ने और बड़े लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित करती हैं।

पैरा खेलों में नए खिलाड़ियों को मिलेगी प्रेरणा

विजय सुंडी की उपलब्धि पैरा खेलों के लिए भी महत्वपूर्ण है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की कहानियां नए खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का हौसला देती हैं। पैरा तीरंदाजी में सफलता के लिए तकनीक, नियमित अभ्यास, एकाग्रता और प्रतियोगिता के दौरान संयम की जरूरत होती है। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में इन सभी पहलुओं का अच्छा प्रदर्शन किया। विजय सुंडी की सफलता से झारखंड में पैरा तीरंदाजी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे दिव्यांग खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सकती है।

भारत की पदक तालिका में जुड़ा एक और स्वर्ण

आइची-नागोया में आयोजित पांचवें एशियाई पैरा खेलों में भारत विभिन्न खेलों में पदक जीत रहा है। पुरुष रिकर्व युगल में विजय सुंडी और हरविंदर सिंह की जीत ने देश के पदक अभियान को मजबूती दी। इस उपलब्धि ने भारतीय तीरंदाजी टीम का मनोबल भी बढ़ाया है। पश्चिमी सिंहभूम के विजय सुंडी के लिए यह जीत उनके खेल सफर का यादगार पड़ाव है। जिले के खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि वह भविष्य में भी इसी तरह देश का प्रतिनिधित्व करेंगे और नई उपलब्धियां हासिल करेंगे।

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