- बारिश नहीं होने और बढ़ती गर्मी से डैम सूखने की स्थिति में, कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित
Chadwa Dam: का जलस्तर (Water Level) लगातार घटने से हजारीबाग शहर में पानी संकट गहराने लगा है। शहर को पेयजल उपलब्ध कराने वाले इस प्रमुख डैम में पानी सामान्य स्तर से काफी नीचे चला गया है। डैम के किनारे का बड़ा हिस्सा सूख चुका है और पानी काफी पीछे हट गया है, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
कई इलाकों में प्रभावित होने लगी पेयजल आपूर्ति
स्थानीय लोगों के अनुसार बीते कुछ दिनों से लगातार बढ़ती गर्मी और बारिश नहीं होने के कारण डैम का जलस्तर तेजी से घट रहा है। इसका असर अब शहर की पेयजल व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। हजारीबाग के कई मोहल्लों में लोगों को समय पर पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। लोगों का कहना है कि सुबह और शाम निर्धारित समय पर भी कई क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति बाधित हो रही है। गर्मी बढ़ने के साथ पानी की मांग बढ़ी है, लेकिन डैम में जलस्तर घटने से जलापूर्ति व्यवस्था दबाव में आ गई है।
Jharkhand Summer Crisis: प्रशासन ने की पानी बचाने की अपील
प्रशासन की ओर से लोगों से पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने और अनावश्यक बर्बादी रोकने की अपील की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जल्द पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो शहर में जल संकट और गंभीर रूप ले सकता है। प्रशासन की ओर से जल संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की भी तैयारी की जा रही है, ताकि लोग पानी की महत्ता को समझें और सीमित संसाधनों का सही उपयोग करें।
स्थायी समाधान की जरूरत : समाजसेवी
समाजसेवी Dr Devendra Singh ने कहा कि हर वर्ष गर्मी के मौसम में शहर को पानी संकट का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि केवल अस्थायी उपायों से समस्या का समाधान संभव नहीं है, बल्कि जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और वैकल्पिक जल स्रोतों पर दीर्घकालिक योजना बनानी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में शहर को आवश्यकता से काफी कम पानी उपलब्ध हो पा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
Jharkhand Summer Crisis: जल संरक्षण को लेकर बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार घटते भूजल स्तर, बढ़ती आबादी और अनियमित वर्षा के कारण झारखंड के कई शहरों में जल संकट गहराता जा रहा है। ऐसे में जल संरक्षण और जल प्रबंधन को लेकर गंभीर प्रयास जरूरी हैं।



