Kolhan University Senate : जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित मिसेस केएमपीएम वोकेशनल कॉलेज (Mrs. KMPM Vocational College) की बीबीए (BBA) की छात्रा अनुमेहा गुप्ता को कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा की सीनेट में सदस्य के रूप में नामित किया गया है। उनके इस नामांकन पर कॉलेज प्रबंधन ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। एक वर्ष के कार्यकाल के लिए चुनी गईं अनुमेहा ने सीनेट सदस्य के तौर पर अपनी पहली ही सक्रियता में विश्वविद्यालय के समक्ष छात्रों के हितों और शैक्षणिक व्यवस्था की गंभीर कमियों को मजबूती के साथ रखा है, जिसकी सराहना की जा रही है।
शैक्षणिक सत्रों में देरी और विस्तृत पाठ्यक्रम की चुनौती
अनुमेहा गुप्ता ने सीनेट सदस्य के रूप में विश्वविद्यालय का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि शैक्षणिक सत्रों में लगातार हो रही देरी के कारण निर्धारित समय में पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो पा रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि पढ़ाई के लिए उपलब्ध दिनों की संख्या सीमित है, जबकि पाठ्यक्रम का विस्तार अत्यधिक कर दिया गया है। इसके अलावा, उन्होंने मौजूदा परीक्षा संरचना और शिक्षण विधियों के बीच तालमेल की कमी को लेकर भी चिंता जताई। अनुमेहा के अनुसार, यदि शिक्षण पद्धति और परीक्षा का स्वरूप एक समान नहीं होगा, तो छात्रों के प्रदर्शन पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ना निश्चित है।
ऑनर्स की डिग्री के लिए नए मानदंड पर सवाल
सीनेट में चर्चा के दौरान अनुमेहा ने कोल्हान विश्वविद्यालय द्वारा ऑनर्स डिग्री के लिए निर्धारित किए गए 7.5 CGPA के नए मानदंड पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि यह नया पैमाना मेधावी छात्रों के लिए एक बड़ी बाधा साबित हो सकता है और कई योग्य छात्र उचित मान्यता मिलने से वंचित रह सकते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय से इस नीति पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया, ताकि शैक्षणिक मूल्यांकन निष्पक्ष और न्यायपूर्ण बना रहे।
स्टूडेंट प्रतिनिधि अनुमेहा ने न केवल विद्यार्थियों के शैक्षणिक मुद्दों को उठाया, बल्कि सत्रों में देरी के कारण कॉलेजों को होने वाले वित्तीय नुकसान पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने रेखांकित किया कि जब सत्र समय पर आयोजित नहीं होते, तो कॉलेजों को भारी राजस्व क्षति होती है, जिसका सीधा असर संस्थान के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास और प्लेसमेंट जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों पर पड़ता है। समयबद्ध सत्र संचालन को उन्होंने संस्थानों की प्रगति के लिए अनिवार्य बताया।
प्राचार्या डॉ. रीता कुमारी ने जताई सहमति और गर्व
कॉलेज की प्राचार्या डॉ. रीता कुमारी ने अनुमेहा के नामांकन को संस्थान के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि अनुमेहा ने जो चिंताएं सीनेट में उठाई हैं, वे वर्तमान शैक्षणिक परिदृश्य की जमीनी हकीकत को दर्शाती हैं। डॉ. रीता कुमारी ने कोल्हान विश्वविद्यालय प्रशासन से पुरजोर मांग की कि वे शैक्षणिक कैलेंडर को नियमित करें और ऑनर्स की पात्रता के संबंध में एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेधावी छात्रों के हितों की रक्षा और कॉलेजों के सुचारू संचालन के लिए समय पर सत्रों का आयोजन और निष्पक्ष नीतियां लागू करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।



