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Chatra News: 40,666 किसानों का फसल बीमा मंजूर

खरीफ 2026 के 47,679 आवेदन स्वीकृत, 28,319.87 हेक्टेयर कृषि भूमि बीमा के दायरे में

Chatra News: झारखंड के चतरा जिले में बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2026 के लिए 40,666 किसानों के 47,679 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। इन आवेदनों के माध्यम से कुल 28,319.87 हेक्टेयर कृषि भूमि का बीमा मंजूर हुआ है। सोमवार को समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त रवि आनंद की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति (डीएलएमसी) की बैठक में योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में स्वीकृत और अस्वीकृत आवेदनों के साथ बीमित कृषि क्षेत्रफल से संबंधित आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए।

Chatra News: 42,172 किसानों ने कराया था पंजीकरण

खरीफ मौसम में अगहनी धान और भदई मक्का की फसलों का बीमा कराने के लिए जिले के 42,172 किसानों ने कुल 50,245 आवेदन जमा किए थे। इन आवेदनों के तहत 35,638.31 हेक्टेयर कृषि भूमि का बीमा कराने के लिए पंजीकरण किया गया था। समीक्षा के दौरान सामने आया कि सभी आवेदन स्वीकृत नहीं हो सके। दस्तावेजों की कमी और टोकन मनी प्राप्त नहीं होने के कारण कुछ आवेदन अस्वीकृत किए गए। बैठक में इन कारणों और संबंधित आंकड़ों पर चर्चा हुई।

Chatra News: दस्तावेजों की कमी से 1,663 आवेदन अस्वीकृत

बीमा कंपनी टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधि ने बताया कि आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण 1,531 किसानों के 1,663 आवेदन अस्वीकृत किए गए। इन आवेदनों से संबंधित कृषि भूमि का क्षेत्रफल 2,001.21 हेक्टेयर था। योजना के तहत आवेदन की जांच और स्वीकृति के दौरान जरूरी दस्तावेजों का उपलब्ध होना महत्वपूर्ण है। दस्तावेज अधूरे होने या आवश्यक जानकारी नहीं मिलने पर आवेदन की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

टोकन मनी नहीं मिलने से 903 आवेदन खारिज

बैठक में बताया गया कि टोकन मनी प्राप्त नहीं होने के कारण 890 किसानों के 903 आवेदन भी अस्वीकृत किए गए। इन आवेदनों के तहत कुल 536.46 हेक्टेयर कृषि भूमि शामिल थी। इस तरह दस्तावेजों और टोकन मनी से जुड़ी कमियों के कारण कई किसानों के आवेदन स्वीकृत नहीं हो पाए। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सभी अस्वीकृत आवेदनों के कारणों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। संबंधित किसानों को अपने आवेदन की स्थिति और अस्वीकृति के कारण की जानकारी संबंधित विभाग या बीमा कंपनी से प्राप्त करनी चाहिए।

फसल नुकसान की स्थिति में मिलती है आर्थिक सुरक्षा

बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं और अधिसूचित परिस्थितियों में फसल खराब होने पर किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। खेती में मौसम की अनिश्चितता, अत्यधिक बारिश और सूखे जैसी परिस्थितियां किसानों की आय को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में फसल बीमा किसानों के लिए जोखिम कम करने का एक माध्यम है। हालांकि, आवेदन स्वीकृत होने मात्र से मुआवजे की राशि तय नहीं होती। बीमा सहायता संबंधित नियमों, नुकसान के आकलन और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर मिलती है।

बैठक में कृषि और बैंकिंग विभाग के अधिकारी शामिल

जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक में जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी और जिला पशुपालन पदाधिकारी उपस्थित थे। झारखंड राज्य सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक और अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) ने भी बैठक में भाग लिया। इसके अलावा नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम), आत्मा के परियोजना प्रबंधक, पैक्स प्रतिनिधि और बीमा कंपनी के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में खरीफ 2026 के आवेदनों, बीमित क्षेत्रफल और स्वीकृति-अस्वीकृति की स्थिति की समीक्षा की गई।

किसानों को आवेदन की स्थिति की जानकारी रखने की जरूरत

फसल बीमा योजना का लाभ लेने वाले किसानों के लिए अपने आवेदन की स्थिति और जमा किए गए दस्तावेजों की जानकारी रखना जरूरी है। जिन किसानों के आवेदन अस्वीकृत हुए हैं, वे संबंधित विभाग या बीमा कंपनी से कारण की जानकारी लेकर आगे की प्रक्रिया समझ सकते हैं। चतरा जिले में स्वीकृत आवेदनों के आंकड़े खरीफ मौसम के दौरान योजना के तहत हुए पंजीकरण की स्थिति दर्शाते हैं। वहीं, अस्वीकृत आवेदनों के कारणों की जानकारी किसानों को प्रक्रिया समझने और भविष्य में आवेदन करते समय आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने में मदद कर सकती है।

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