डीसी ने की जिला स्तरीय नार्कोटिक्स समन्वय समिति (एनकोर्ड) की अहम बैठक, दिए सख्त निर्देश
Jamshedpur NCORD Meeting: जमशेदपुर में नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए प्रशासन सख्त हो गया है। समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय नार्कोटिक्स समन्वय समिति (एनकोर्ड) की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त राजीव रंजन ने की। बैठक में जिले के भीतर मादक पदार्थों की अवैध बिक्री, तस्करी और सेवन पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए कई कड़े फैसले लिए गए। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि युवाओं को नशे की दलदल से बचाने के लिए अब जमीनी स्तर पर और ज्यादा आक्रामक रुख अपनाया जाएगा।
Jamshedpur NCORD Meeting: सुरक्षा व विधि-व्यवस्था से जुड़ी आंंकड़े साझा किए गए
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अमले ने हिस्सा लिया। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. ऐहतेशाम वकारिब और अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम (एसडीओ) अर्नव मिश्रा ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए। इसके अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य संबंधित विभागों के प्रमुख अधिकारी भी इस उच्चस्तरीय बैठक में मौजूद रहे। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जिले को नशा मुक्त बनाना और अवैध ड्रग्स नेटवर्क की जड़ों को काटना है।
Jamshedpur NCORD Meeting: पिछले महीने हुई थी बड़ी कार्रवाई
पिछले महीने यानी सितंबर में पुलिस और प्रशासन ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए कुल 133 किलोग्राम गांजा और ब्राउन शुगर की 52 पुड़िया बरामद की गईं। अधिकारियों ने बताया कि जिले भर में ऐसे 10 हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहां अवैध कारोबार सबसे ज्यादा सक्रिय है। इन सभी संवेदनशील इलाकों में लगातार पुलिस की दबिश जारी है, ताकि अपराधियों को भागने का मौका न मिले।
प्रशासनिक महकमे को डीसी का दो टूक निर्देश
उपायुक्त राजीव रंजन ने पुलिस और प्रशासनिक महकमे को दो टूक निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स तस्करी और अवैध कारोबार में शामिल किसी भी तस्कर को बख्शा नहीं जाए। ऐसे लोगों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। डीसी ने यह भी ताकीद की है कि इस तरह के संवेदनशील मामलों के अनुसंधान और कानूनी प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सिर्फ पुलिसिया कार्रवाई ही नहीं, बल्कि युवाओं को जागरूक करना भी प्रशासन की प्राथमिकता है। शिक्षा विभाग और थाना स्तर पर विद्यालयों में चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियानों को और तेज करने का आदेश दिया गया है। स्कूलों और कॉलेजों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए छात्र-छात्राओं को यह समझाया जाएगा कि नशा उनके स्वास्थ्य, उनके सामाजिक जीवन और उनके परिवार को किस हद तक बर्बाद कर सकता है।
अंत में उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी तालमेल बनाकर काम करने की सलाह दी। जब तक स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस और प्रशासनिक विभाग मिलकर काम नहीं करेंगे, तब तक इस काले कारोबार की कमर नहीं तोड़ी जा सकती। प्रशासन की इस सख्त कार्यशैली से स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ पूर्वी सिंहभूम जिले में और बड़े एक्शन देखने को मिल सकते हैं।


