गुमो चौक पर तीन घंटे जाम रहा एनएच-20, अंडरपास और मुआवजे की मांग
Koderma Road Accident: तिलैया थाना क्षेत्र में दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। गुमो चौक पर तेज रफ्तार अर्टिगा ने कहर बरपाया। कार की टक्कर से 55 वर्षीय मजदूर की मौत हो गई। मृतक की पहचान रामकिशुन यादव के रूप में हुई। वह गुमो गांव के ही रहने वाले थे। हादसे के बाद चालक कार लेकर मौके से भाग निकला। इस घटना से पूरे इलाके में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
Koderma Road Accident: चाय पीने निकले थे, 50 फीट तक घसीटा
रामकिशुन रोज की तरह गुरुवार सुबह घर से निकले थे। वह चाय पीने के लिए गुमो चौक जा रहे थे। तभी झुमरीतिलैया की ओर से अर्टिगा कार आई। वाहन की रफ्तार काफी ज्यादा थी। कार ने पैदल चल रहे रामकिशुन को सीधे टक्कर मारी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वह उछलकर दूर गिरे। कार उन्हें करीब 50 फीट तक घसीटते हुए ले गई। सड़क पर चारों ओर खून बिखर गया। आसपास के लोग तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंचे। चालक तेजी से वाहन भगाकर ले गया।
Koderma Road Accident: बरही के पास तोड़ा दम, रिम्स ले जा रहे थे परिजन
स्थानीय लोगों ने घायल को तुरंत संभाला। उन्हें आनन-फानन में कोडरमा सदर अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति देखकर प्राथमिक इलाज किया। सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं। गंभीर हालत देखकर डॉक्टरों ने उन्हें रिम्स रेफर किया। परिजन एंबुलेंस से उन्हें रांची ले जा रहे थे। रास्ते में बरही के पास उनकी सांसें थम गईं। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
अंडरपास और मुआवजे की मांग पर एनएच-20 रहा तीन घंटे जाम
मौत की खबर फैलते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों लोग गुमो चौक पर जमा हो गए। परिजनों और ग्रामीणों ने रांची-पटना मुख्य मार्ग जाम कर दिया। उन्होंने एनएच-20 पर आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि यहां लगातार हादसे होते हैं। तेज रफ्तार वाहनों से लोग हमेशा दहशत में रहते हैं। प्रदर्शनकारियों ने चौक पर अंडरपास बनाने की मांग की। साथ ही पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजा मांगा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्री और वाहन चालक घंटों परेशान रहे।
थाना प्रभारी विनय कुमार ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
सड़क जाम की सूचना पुलिस को दी गई। तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से लंबी बातचीत की। थाना प्रभारी ने सरकारी नियमों के तहत मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया। फरार कार चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। लिखित और मौखिक आश्वासन के बाद ग्रामीण माने। करीब तीन घंटे बाद मुख्य मार्ग पर यातायात बहाल हुआ। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
चार बच्चों के सिर से उठा साया, इकलौते कमाऊ सदस्य थे रामकिशुन
रामकिशुन यादव बेहद साधारण परिवार से आते थे। वह मजदूरी करके अपने परिवार का पेट भरते थे। परिवार में उनकी पत्नी के अलावा चार बच्चे हैं। उनके पीछे तीन बेटियां और एक बेटा छूट गया है। वह घर के अकेले कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत से परिवार के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया। बच्चों के भविष्य को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं। पूरे गांव में मातम का माहौल बना हुआ है। लोग पीड़ित परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।
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