अप लाइन पर खंभा और सिग्नल क्षतिग्रस्त, दो घंटे की मशक्कत के बाद बहाल हुआ रूट
Jaroli Goods Train: रेल मंडल में बड़ा हादसा टल गया। चक्रधरपुर के जरूली में मालगाड़ी अचानक बेपटरी हुई। चलती मालगाड़ी का एक डिब्बा नीचे उतर गया। हादसा अप मेन लाइन पर हुआ। किलोमीटर संख्या 406/33 के पास यह घटना हुई। हादसे के बाद अप लाइन पर परिचालन ठप हुआ। रेलवे कंट्रोल रूम में तुरंत सायरन बजने लगा। अधिकारी मौके की ओर दौड़ पड़े।
Jaroli Goods Train: ओवरहेड तार और सिग्नल के उपकरण क्षतिग्रस्त
डिब्बा पटरी से उतरते ही जोरदार आवाज हुई। इसके झटके से ओवरहेड बिजली तार टूट गए। खंभे और सिग्नल के उपकरण भी क्षतिग्रस्त हुए। बिजली आपूर्ति बंद होने से गाड़ियां रुक गईं। चालक ने सूझबूझ से इमरजेंसी ब्रेक लगाया। इससे मालगाड़ी के बाकी डिब्बे पलटने से बचे। बड़ा हादसा होने से बाल-बाल टल गया। रेलवे के तकनीकी कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिजली और सिग्नल लाइन की जांच की।
Jaroli Goods Train: एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन ने शुरू किया रेस्क्यू
घटना की सूचना पर एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन रवाना हुई। रिलीफ ट्रेन विशेष उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। मंडल से वरिष्ठ इंजीनियरों का दल भी आया। कर्मचारियों ने युद्धस्तर पर राहत कार्य शुरू किया। जैक लगाकर बेपटरी डिब्बे को उठाया गया। पटरी पर पहियों को दोबारा चढ़ाया गया। क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत का काम शुरू हुआ। टूटे ओवरहेड तारों को दुरुस्त किया गया। करीब दो घंटे तक राहत अभियान लगातार चला।
दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद परिचालन हुआ बहाल
इंजीनियरों ने ट्रैक की सुरक्षा की जांच की। सिग्नल प्रणाली को दोबारा चालू किया गया। इसके बाद अप लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही शुरू हुई। धीमी गति से ट्रेनों को निकाला गया। परिचालन बहाल होने से रेल अधिकारियों ने राहत ली। मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों को सुरक्षित रवाना किया गया। स्टेशन पर खड़ी ट्रेनों को गंतव्य की ओर भेजा। रेलवे कंट्रोल रूम पूरी स्थिति पर नजर बनाए रहा।
खनिज लदान वाले प्रमुख रेल रूट पर हुआ हादसा
जरूली स्टेशन लौह अयस्क लदान का बड़ा केंद्र है। यह रूट चक्रधरपुर मंडल के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां से प्रतिदिन दर्जनों मालगाड़ियां गुजरती हैं। खानों से कच्चा माल विभिन्न स्टील प्लांटों को जाता। ट्रैक बाधित होने से माल परिवहन पर असर पड़ा। कई मालगाड़ियों को पीछे के स्टेशनों पर रोका गया। माल ढुलाई का समय बिगड़ने से नुकसान हुआ। रेल मंडल ने प्राथमिकता के आधार पर रूट चालू कराया।
बेपटरी होने के तकनीकी कारणों की जांच शुरू
रेलवे प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच बैठा दी। सीनियर डीसीएम और संरक्षा अधिकारी जांच कर रहे। तकनीकी दल पहियों और पटरियों के नमूने जुटा रहा। तकनीकी खराबी के पहलुओं की जांच की जा रही। क्या ट्रैक में कोई दरार पहले से मौजूद थी। मालगाड़ी के वैगन में कोई यांत्रिक दोष तो नहीं था। जांच रिपोर्ट के आधार पर जवाबदेही तय होगी। मंडल में संरक्षा मानकों की समीक्षा की जा रही।
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