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Karim City College: जेंडर समानता पर ‘गुफ्तगू’ का आयोजन

जेंडर भेदभाव से आगे बढ़कर समावेशी समाज बनाने पर दिया जोर

Karim City College जमशेदपुर में करीम सिटी कॉलेज के विमेंस सेल ने गुरुवार, 15 अक्टूबर को ‘गुफ्तगू: आओ और बात करो’ कार्यक्रम का आयोजन किया। कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय जेंडर विभाजन से आगे बढ़कर अधिक समान और समावेशी समाज का निर्माण करना था। इसमें विद्यार्थियों को लैंगिक समानता, आपसी सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में नए विद्यार्थियों को विमेंस सेल की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों और गतिविधियों की जानकारी भी दी गई।

Karim City College: में विद्यार्थियों को किया गया जागरूक

कार्यक्रम में पीपल फॉर चेंज और जमशेदपुर क्वीर सर्कल के संस्थापक ट्रस्टी सौविक साहा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। करीम सिटी कॉलेज के प्राचार्य और विमेंस सेल के संरक्षक डॉ. मुहम्मद रेयाज़ ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का स्वागत किया।

विमेंस सेल की सदस्य समन्वयक डॉ. कौसर तस्नीम ने भी आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान डॉ. बसूधरा रॉय, डॉ. फरज़ाना अंजुम, डॉ. शशि प्रभा और डॉ. अनुपमा मिश्रा मौजूद रहीं। इनके अलावा डॉ. उधम सिंह, सैयद साजिद परवेज़, कॉलेज के कई शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

Karim City College: सामाजिक मान्यताओं पर सवाल उठाने की जरूरत बताई

मुख्य अतिथि सौविक साहा ने अपने संबोधन और प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों को समाज में प्रचलित मान्यताओं पर विचार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जेंडर से जुड़ी रूढ़ियों को समझने और उन धारणाओं पर सवाल उठाने की आवश्यकता बताई, जो लोगों के व्यवहार और सोच को प्रभावित करती हैं।

कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि लैंगिक समानता केवल एक विचार नहीं है। इसे दैनिक जीवन और व्यवहार में भी अपनाना जरूरी है। इसके लिए लोगों को एक-दूसरे के प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण रखना होगा। साथ ही, किसी व्यक्ति के प्रति केवल सामाजिक धारणाओं के आधार पर राय बनाने से बचना होगा।

चर्चा का उद्देश्य विद्यार्थियों को एक ऐसे समाज की कल्पना करने के लिए प्रेरित करना था, जहां सभी को समान अवसर और सम्मान मिले। इसके लिए पारंपरिक सोच से आगे बढ़ने और दूसरों के अनुभवों को समझने की जरूरत पर भी ध्यान दिलाया गया।

विमेंस सेल की भूमिका से परिचित हुए नए विद्यार्थी

यह आयोजन शैक्षणिक सत्र 2026–2030 के नए बैच के विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन सेशन के रूप में भी आयोजित किया गया। इसके माध्यम से उन्हें कॉलेज के विमेंस सेल के उद्देश्य, कार्यप्रणाली, विजन, मिशन और विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी गई।

विमेंस सेल का उद्देश्य परिसर में लैंगिक भेदभाव को कम करना और विद्यार्थियों के बीच जागरूकता बढ़ाना है। सेल विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को लैंगिक मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनाने का प्रयास करता है। कॉलेज में इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को समानता, समावेशिता और आपसी सम्मान के महत्व को समझने का अवसर देते हैं।

सत्र के दौरान सुरक्षित और सहयोगपूर्ण शैक्षणिक वातावरण बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि कॉलेज परिसर में ऐसा माहौल होना चाहिए, जहां हर विद्यार्थी अपनी बात रख सके और उसे सम्मान के साथ सुना जाए।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को बनाया खास

कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं। साध्वी और उनकी टीम ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। इसके बाद पांचवें सेमेस्टर की एक छात्रा ने एकल गायन की प्रस्तुति दी। इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भरने के साथ विद्यार्थियों की प्रतिभा को सामने लाने का अवसर भी दिया।

फरहीन और उनकी टीम ने नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से कार्यक्रम के विषय को प्रभावी ढंग से सामने रखा। नाटक में थिएटर के जरिए सार्थक संदेश देने का प्रयास किया गया। सांस्कृतिक गतिविधियों ने विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाई और कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया।

संवाद और सहभागिता से बनेगा बेहतर कैंपस

कार्यक्रम में इस बात को प्रमुखता से रखा गया कि सामाजिक भेदभाव को दूर करने के लिए संवाद और सामूहिक भागीदारी जरूरी है। केवल नियम बनाने से समानता का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता। इसके लिए विद्यार्थियों, शिक्षकों और कॉलेज प्रशासन को मिलकर काम करना होगा।

एक सुरक्षित और समावेशी परिसर बनाने में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। आपसी सम्मान, संवेदनशीलता और दूसरों की बात सुनने की आदत से सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपने विचार साझा करने और सामाजिक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझने का अवसर देते हैं।

कार्यक्रम का समापन समानता, सम्मान और समावेशिता के मूल्यों को आगे बढ़ाने के संदेश के साथ हुआ। विमेंस सेल ने जागरूक और सहयोगपूर्ण कैंपस समुदाय बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि बेहतर समाज की शुरुआत अपने आसपास के वातावरण में समानता और सम्मान को अपनाने से होती है।

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