रूपी सोरेन के निधन पर मुख्यमंत्री ने साझा किया भावुक संदेश, समाज के कल्याण की कामना की
Hemant Soren Tribute: मां का साया उठना सबसे बड़ा दुख। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी भावनाएं साझा की हैं। मां रूपी सोरेन के निधन पर भावुक संदेश लिखा। उन्होंने सोशल मीडिया पर मां को याद किया। संदेश में मां की ममता और आशीर्वाद का जिक्र किया। उन्होंने पूरे समाज के कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने लिखा कि मां सबकी रक्षा करे। यह संदेश हर किसी के दिल को छू गया। पूरा राज्य शोक की घड़ी में उनके साथ है।
Hemant Soren Tribute: सोशल मीडिया पर छलका बेटे का दर्द
हेमंत सोरेन ने अपनी मां को नमन किया। उन्होंने कहा कि मां का जाना असहनीय पीड़ा है। इस दुख को शब्दों में बयां नहीं कर सकते। मां जीवन की सबसे बड़ी ताकत होती है। उनका स्नेह हर मुश्किल घड़ी में संबल बनता था। मां के जाने से जीवन में खालीपन आ गया। अब सिर्फ उनकी पावन स्मृतियां ही बाकी हैं। मां की सीख और संस्कार हमेशा राह दिखाएंगे। बेटे के इन शब्दों ने सबको भावुक कर दिया। हर किसी की आंखें यह संदेश पढ़कर भर आईं।
Hemant Soren Tribute: परिवार की सीमा से परे सबके कल्याण की प्रार्थना
मुख्यमंत्री का यह संदेश केवल पारिवारिक नहीं था। इसमें व्यापक मानवीय संवेदना का भाव झलकता है। उन्होंने समस्त समाज के सुख-शांति की कामना की। उन्होंने प्रार्थना की कि मां सबका कल्याण करे। मां का आशीर्वाद पूरे राज्य पर बना रहे। हर परिवार में खुशहाली और शांति आए। एक पुत्र के रूप में उन्होंने श्रद्धा अर्पित की। साथ ही राज्य के अभिभावक के रूप में दुआ मांगी। उनके इस संवेदनशील रूप की सराहना हो रही। समाज के कल्याण की भावना इसमें साफ दिखाई देती है।
नेमरा में अंतिम विदाई के समय भी नम थीं आंखें
रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार पैतृक गांव नेमरा में हुआ। रामगढ़ के नेमरा में हजारों लोग जुटे थे। बेटे हेमंत सोरेन ने नम आंखों से मुखाग्नि दी थी। अंतिम विदाई के क्षण बेहद मार्मिक रहे थे। पूरा सोरेन परिवार गहरे शोक में डूबा था। पक्ष और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेता पहुंचे थे। पूरे झारखंड में शोक की लहर दौड़ गई थी। अब मुख्यमंत्री ने मां के प्रति कृतज्ञता जताई है। उन्होंने साथ देने वाले सभी लोगों का आभार माना। परिवार के लोगों ने मां की स्मृतियों को नमन किया।
संघर्ष और सादगी की मिसाल थीं रूपी सोरेन
रूपी सोरेन का जीवन कड़े संघर्षों से भरा रहा। वे झारखंड अलग राज्य आंदोलन की गवाह थीं। उन्होंने कठिन दौर में परिवार को संभाला। वे हमेशा गरीबों के सुख-दुख में खड़ी रहीं। उनका स्वभाव बेहद सरल और ममतामयी था। गांव के लोग उनके वात्सल्य को याद कर रहे हैं। उनका जाना राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने मां के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। उनकी दी हुई सीख हमेशा उनका मार्गदर्शन करेगी। उनका सादगी भरा जीवन सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
राज्य भर के लोगों ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री के इस भावुक संदेश पर प्रतिक्रियाएं आईं। आम नागरिकों ने गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक जताया। सामाजिक संगठनों ने भी रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी। लोगों ने कहा, मां की जगह कोई नहीं ले सकता। ईश्वर शोकाकुल परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दे। हर कोई कठिन समय में सोरेन परिवार के साथ है। पूरा राज्य दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना कर रहा। मां का आशीर्वाद सदा उनके साथ रहेगा।
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