- जमशेदपुर के अभिभावकों से ई-डिजिटल इंडिया के निदेशक की अपील, कॉलेज चयन में जागरूकता को बताया सबसे जरूरी
जमशेदपुर। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और आकर्षक विज्ञापनों के दौर में छात्रों और अभिभावकों को सतर्क रहने की जरूरत है। ई-डिजिटल इंडिया के निदेशक एवं तकनीकी और कौशल आधारित शिक्षा विशेषज्ञ रामकृष्ण ठाकुर ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों के भविष्य से जुड़े फैसले भावनाओं में नहीं, बल्कि तथ्यों और वास्तविक जानकारी के आधार पर लें। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर जैसे मेहनतकश शहर में हजारों परिवार अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। कोई फैक्ट्री में ओवरटाइम करता है, कोई निजी कंपनी में नौकरी करता है तो कोई छोटा व्यवसाय चलाकर बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाता है। ऐसे में शिक्षा पर खर्च किया गया प्रत्येक रुपया परिवार की वर्षों की मेहनत और त्याग का परिणाम होता है।
शिक्षा नहीं, जीवन की सबसे बड़ी पूंजी
रामकृष्ण ठाकुर ने कहा कि अधिकांश माता-पिता अपने बच्चों को प्रतिष्ठित कॉलेजों में पढ़ाने का सपना देखते हैं। इस सपने को पूरा करने के लिए वे अपनी बचत, भविष्य निधि (PF), गहने और कई बार कर्ज तक का सहारा लेते हैं। लेकिन कई बार कॉलेजों के चमकदार विज्ञापन, बड़े-बड़े प्लेसमेंट दावे और आकर्षक प्रचार सामग्री वास्तविक स्थिति से अलग होती है। ऐसे में बिना पर्याप्त जानकारी के लिया गया निर्णय भविष्य में आर्थिक और मानसिक दोनों प्रकार की परेशानी का कारण बन सकता है।
College Admission Alert: कॉलेज चुनने से पहले करें ये महत्वपूर्ण जांच
रामकृष्ण ठाकुर ने अभिभावकों और छात्रों को सलाह देते हुए कहा कि किसी भी कॉलेज में प्रवेश लेने से पहले निम्नलिखित बिंदुओं की जांच अवश्य करनी चाहिए:
- क्या कॉलेज का वास्तविक प्लेसमेंट रिकॉर्ड सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है?
- कितने छात्रों को नौकरी मिली और कितने अभी भी रोजगार की तलाश में हैं?
- क्या कॉलेज के पूर्व छात्रों (Alumni) से बातचीत की गई है?
- क्या Google Reviews और स्वतंत्र प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध प्रतिक्रियाएं पढ़ी गई हैं?
- क्या कॉलेज की वेबसाइट पर Mandatory Disclosure, मान्यता और Placement Reports उपलब्ध हैं?
- क्या कॉलेज परिसर का स्वयं जाकर निरीक्षण किया गया है?
गलत एडमिशन का असर केवल पैसों तक सीमित नहीं
रामकृष्ण ठाकुर ने कहा कि गलत कॉलेज का चयन केवल फीस का नुकसान नहीं करता, बल्कि छात्रों के आत्मविश्वास, उनके करियर और माता-पिता की उम्मीदों को भी प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा,
“एक पिता ओवरटाइम इसलिए करता है ताकि उसका बेटा इंजीनियर बन सके। एक मां अपनी जरूरतें इसलिए टाल देती है ताकि बेटी की फीस समय पर जमा हो सके। ऐसे में कॉलेज का चुनाव भावनाओं में नहीं, तथ्यों के आधार पर होना चाहिए।”
College Admission Alert: मेहनत की कमाई का करें सही निवेश
उन्होंने कहा कि जमशेदपुर जैसे शहर में कमाया गया हर रुपया मेहनत और संघर्ष की कहानी कहता है। इसलिए किसी भी शैक्षणिक संस्थान के दावों पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए।
उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा,
“कॉलेज का नाम देखकर नहीं, उसके परिणाम देखकर निर्णय लें। Admission से पहले Research कीजिए, सवाल पूछिए, दस्तावेज देखिए और जरूरत पड़े तो स्वयं जाकर सच्चाई जानिए।”
जागरूकता ही बेहतर भविष्य की कुंजी
रामकृष्ण ठाकुर का मानना है कि सही जानकारी और जागरूकता के आधार पर लिया गया निर्णय ही छात्रों को बेहतर भविष्य की ओर ले जा सकता है। उन्होंने कहा कि माता-पिता की मेहनत की कमाई अनमोल है और उसे केवल सपनों पर नहीं, बल्कि सही जानकारी और सही संस्थान पर निवेश किया जाना चाहिए।



