Ramgarh: जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र के चितरपुर में हुई जेवर दुकान डकैती कांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि इस संगठित डकैती के पीछे कोई बाहरी गैंग नहीं, बल्कि परिवार के ही सदस्य—बहन, बहनोई और साला—मास्टरमाइंड थे।
नालंदा पहुंची जांच, खुली साजिश की परतें
रामगढ़ पुलिस की टीम छापेमारी करते हुए नालंदा जिले के हरनौत इलाके पहुंची, जहां पूरे मामले का खुलासा हुआ। रामगढ़ एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी आनंद की निशानदेही पर मुख्य साजिशकर्ता विभाष पासवान उर्फ मृगेंद्र का नाम सामने आया, जो नूरसराय थाना क्षेत्र के गणपुरा गांव का रहने वाला है।
‘भारत सरकार’ लिखी कार से पुलिस को दिया चकमा
जांच में पता चला कि विभाष पासवान ने अपने बहनोई मनीष कुमार की अर्टिगा कार (जिस पर “भारत सरकार” लिखा था) का इस्तेमाल कर पुलिस को भ्रमित करने की योजना बनाई थी। डकैती के बाद आरोपी इसी कार से भागकर नालंदा पहुंचे और लूटे गए जेवरों से भरा सूटकेस कार में छिपा दिया।
परिवार ही बना गिरोह
पुलिस ने मनीष कुमार के घर और कार से लूटे गए जेवर बरामद किए। इसके बाद उसकी पत्नी रीना देवी और अन्य महिला आरोपी चंद्रावती देवी को भी गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि रीना देवी को ही लूटे गए गहनों की देखरेख की जिम्मेदारी दी गई थी।
लाखों के जेवर और सामान बरामद
पुलिस ने कार और घर से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- हार, ब्रेसलेट, अंगूठी, नथिया
- 50+ बाला, कानबाली, टॉप्स
- मूंगा-मोती के सेट
- धार्मिक सामग्री जैसे शिवलिंग, दिया, चांदी के बर्तन
इसके अलावा अन्य कीमती सामान ट्रॉली बैग में छिपाकर रखा गया था।
फरार मास्टरमाइंड की तलाश जारी
मुख्य आरोपी विभाष पासवान उर्फ मृगेंद्र फिलहाल फरार है। पुलिस के अनुसार वह हाल ही में जेल से छूटा था और उसके खिलाफ झारखंड में करीब 25 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि सभी आरोपी हरनौत के रेलवे कोच मरम्मत कारखाने के कॉलोनी क्वार्टर में अपना ठिकाना बनाए हुए थे।



