Karim City College Jamshedpur : उर्दू के प्रख्यात कथाकार और उपन्यासकार जकी अनवर की शहादत की बरसी के अवसर पर साकची स्थित करीम सिटी कॉलेज के उर्दू विभाग द्वारा एक गरिमामयी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। “जकी अनवर: जीवन और साहित्य” (Zaki Anwar: Life and Literature) विषय पर केंद्रित इस कार्यक्रम में साहित्यकारों और शिक्षाविदों ने उनके अद्वितीय साहित्यिक योगदान और उनके संघर्षपूर्ण जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला।
हिंदी-उर्दू की साझा संस्कृति की झलक
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष और हिंदी-उर्दू मिश्रित संस्कृति के प्रखर विचारक डॉ. एस.सी. गुप्ता उपस्थित थे। उन्होंने “जकी अनवर और प्रगतिशील आंदोलन” विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि जकी अनवर एक ऐसे रचनाकार थे, जिन्होंने न केवल प्रगतिशील विचारधारा को अपनी कहानियों में पिरोया, बल्कि उसे अपने व्यक्तिगत जीवन में भी आत्मसात किया। डॉ. गुप्ता ने रेखांकित किया कि उनकी इसी वैचारिक दृढ़ता और सिद्धांतों के प्रति समर्पण ने अंततः उन्हें शहादत के मार्ग तक पहुंचाया।
साहित्य की महत्ता और जकी अनवर का कद
संगोष्ठी की अध्यक्षता उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ. शहबाज अंसारी ने की। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ छात्रा सबीहा फिरदौस द्वारा पवित्र कुरान की आयतों के पाठ से हुआ। इसके पश्चात, प्रोफेसर मोहम्मद ईसा (गौहर अजीज) ने उर्दू अदब में जकी अनवर के स्थान और महत्व पर चर्चा करते हुए कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह साहित्यिक विमर्श में ढाल दिया।
शोध-पत्रों और कहानियों का हुआ वाचन
इस संगोष्ठी में विषय से संबंधित कई महत्वपूर्ण शोध-पत्र और कहानियों का पाठ किया गया। छात्रा आयशा फिरदौस, महफूज अंसारी और सदफ अत्तारिया ने निर्धारित विषयों पर पर्चे पढ़े और उनकी कहानियों के अंश प्रस्तुत किए, जिससे कार्यक्रम में मौजूद छात्र-छात्राएं जकी अनवर की लेखन शैली से रूबरू हो सके। कार्यक्रम के समापन पर डॉ. सादिक इकबाल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कॉलेज के विभिन्न विभागों के प्राध्यापकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने शिरकत की और उर्दू साहित्य के इस महान हस्ताक्षर के जीवन संघर्षों से प्रेरणा ली।
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