- 12 दिनों के फील्ड सर्वे के बाद 81 छात्रों ने किया भौगोलिक अध्ययन
रांची: रांची विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग की टीम दक्षिण भारत के शैक्षणिक भ्रमण से शुक्रवार को वापस लौटी। इस टीम में 81 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिन्होंने 12 दिनों तक भौतिक सर्वेक्षण के तहत विभिन्न भौगोलिक स्थलों का अध्ययन किया।
30 मार्च से 10 अप्रैल तक चला शैक्षणिक भ्रमण
यह भ्रमण 30 मार्च से 10 अप्रैल तक आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने दक्षिण भारत के विभिन्न प्रमुख स्थलों का दौरा कर भौगोलिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पहलुओं का अध्ययन किया।
केरल और तमिलनाडु के प्रमुख स्थलों का किया दौरा
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने कई महत्वपूर्ण स्थानों का दौरा किया, जिनमें शामिल हैं:
- एर्नाकुलम
- मुनार (केरला फार्म, स्पाइस गार्डन, टाटा टी म्यूजियम)
- कुंडाला लेक
- रामेश्वरम (पंबन ब्रिज, ज्योतिर्लिंग, धनुषकोडी, राम सेतु, कलाम हाउस)
- कन्याकुमारी (सनराइज, विवेकानंद रॉक, मंदिर, सनसेट)
- कोवलम बीच
- तिरुवनंतपुरम (पद्मनाभस्वामी मंदिर, केरल जू)
इन स्थलों पर छात्रों ने प्राकृतिक संसाधन, स्थलाकृति, जलवायु और पर्यटन के प्रभावों का अध्ययन किया।
अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन में हुआ भ्रमण
इस शैक्षणिक भ्रमण में विद्यार्थियों के साथ:
- डॉ. ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह
- डॉ. राजेश कुमार लाल
- डॉ. हेमलाल कुमार मेहता
- शंकर राम
साथ ही हेरिटेज इंडिया के निदेशक मनोज सिंह भी मौजूद रहे।
फील्ड स्टडी से बढ़ा व्यावहारिक ज्ञान
इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को कक्षा के बाहर व्यावहारिक और फील्ड आधारित ज्ञान प्रदान करना था। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण से छात्रों को भौगोलिक अवधारणाओं को वास्तविक जीवन में समझने का अवसर मिलता है, जिससे उनकी पढ़ाई और रिसर्च क्षमता मजबूत होती है।
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