JEE Main Exam Big Conspiracy Failed in Ramgarh : देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा ‘JEE मेन’ की पारदर्शिता पर दाग लगाने की एक बड़ी साजिश का रामगढ़ पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 2 से 8 अप्रैल तक आयोजित की जाने वाली इस परीक्षा में धांधली कराने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को दबोच लिया है और उनके पास से भारी मात्रा में हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
यूनिवर्सिटी की लैब में रची जा रही थी ‘सिस्टम हैकिंग’ की साजिश
इस वर्ष रामगढ़ स्थित राधा गोविन्द यूनिवर्सिटी को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। जाँच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य विश्वविद्यालय की कंप्यूटर प्रयोगशाला (लैब) में तकनीकी छेड़छाड़ कर रहे थे। रामगढ़ एसपी अजय कुमार के अनुसार, यह गिरोह चुनिंदा अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलकर उन्हें परीक्षा में अनुचित लाभ पहुँचाने की तैयारी में था। योजना के तहत परीक्षा केंद्र के कंप्यूटर सिस्टम को रिमोट एक्सेस या अन्य तकनीकी माध्यमों से कंट्रोल करने की सेटिंग की जा रही थी।
एक कर्मचारी की सतर्कता से खुला ‘करोड़ो का गोरखधंधा’
साजिश बेहद शातिर तरीके से रची गई थी, लेकिन विश्वविद्यालय के ही एक कर्मचारी को लैब में हो रही संदिग्ध गतिविधियों पर शक हो गया। उसकी सतर्कता और समय पर दी गई सूचना के कारण पुलिस ने मौके पर छापेमारी की और पूरे खेल को बिगाड़ दिया। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए रामगढ़ डीसी फैज अहमद मुमताज ने तत्काल एक उच्च स्तरीय जाँच समिति का गठन कर दिया है और पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
TCS के नाम का दुरुपयोग और बरामदगी का ब्योरा
जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य यह भी आया है कि गिरोह के सदस्य परीक्षा संचालन करने वाली अधिकृत कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नाम का फर्जी इस्तेमाल कर रहे थे। वे खुद को कंपनी का तकनीकी कर्मचारी बताकर लैब तक पहुँच बना रहे थे। पुलिस ने मौके से निम्नलिखित सामान जब्त किया है:
- 70 कंप्यूटर सेट और 1 सीपीयू।
- 3 राउटर और 4 मोबाइल फोन।
- एक सफेद टोयोटा फॉर्च्यूनर (WB39E-5455), जिसका उपयोग गिरोह के सदस्य आवाजाही के लिए करते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों में स्थानीय से लेकर अंतरराज्यीय गिरोह के तार जुड़े होने के संकेत मिले हैं।
- दिनेश कुमार महतो : तकनीकी कर्मचारी, निवासी रामगढ़।
- शाकिर अंसारी : निवासी ओरमांझी, रांची।
- सूरज कुमार सिंह : निवासी सारण जिला, बिहार।
जांच का दायरा बढ़ा, अन्य राज्यों से जुड़ सकते हैं तार
जिला प्रशासन और पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इस संगठित गिरोह का नेटवर्क झारखंड के अन्य शहरों या पड़ोसी राज्यों में कहाँ-कहाँ फैला है। एसपी ने बताया कि नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा केंद्रों के चयन की प्रक्रिया पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, राधा गोविन्द यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर लैब को पुलिस निगरानी में ले लिया गया है।
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