- रामगढ़, रांची और हजारीबाग पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दत्तो गांव से अवैध मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा, हथियार बनाने के कई उपकरण जब्त।
Jharkhand: रामगढ़ जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार बनाने की मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। रामगढ़, रांची और हजारीबाग पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में अर्धनिर्मित हथियार, मैगजीन और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए गए।
Jharkhand News: दत्तो गांव में चल रही थी अवैध गन फैक्ट्री
यह कार्रवाई रामगढ़ जिले के भुरकुंडा ओपी क्षेत्र के दत्तो गांव में की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि यहां लंबे समय से अवैध हथियार बनाने का कारोबार संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर संयुक्त पुलिस टीम ने छापेमारी कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।
छापेमारी में क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने फैक्ट्री से कई अहम सामान जब्त किए हैं, जिनमें शामिल हैं—
- 3 अर्धनिर्मित पिस्टल
- 9 मैगजीन
- हथियार बनाने की मशीन
- ड्रिल मशीन
- गैस कटर
- रेल पटरी के लोहे के टुकड़े
- अन्य धातु के पार्ट्स एवं उपकरण
बरामद सामान से यह संकेत मिलता है कि यहां व्यवस्थित तरीके से अवैध हथियार तैयार किए जा रहे थे।
Jharkhand News: तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में दिनेश विश्वकर्मा, उसकी पत्नी नूतन देवी और बड़े भाई अनिल विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया है। तीनों से पूछताछ जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी मूल रूप से बिहार के नवादा जिले के लेसरीगंज के रहने वाले हैं।
लोहार के काम की आड़ में चल रहा था कारोबार
जांच में सामने आया है कि आरोपी दत्तो गांव में वर्षों से लोहार का काम करते थे। इसी काम की आड़ में वे कथित रूप से अवैध हथियार बनाने और उनकी सप्लाई का कारोबार चला रहे थे। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।
Jharkhand News: कोयलांचल क्षेत्र में होती थी हथियारों की सप्लाई
प्रारंभिक जांच के अनुसार तैयार हथियारों की सप्लाई कोयलांचल और आसपास के क्षेत्रों में की जाती थी। पुलिस को आशंका है कि इन हथियारों का इस्तेमाल रंगदारी, आपराधिक वारदातों और अन्य गंभीर अपराधों में किया जाता था।
पुलिस कर रही है नेटवर्क की जांच
संयुक्त पुलिस टीम गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान भी जल्द हो सकती है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।



