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Jharkhand Treasury Scam : BJP ने कोषागार घोटाले पर सरकार को घेरा, कहा-तमाम जांच के बाद पर्दा डालने की कोशिश…

  • BJP के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने 10 हजार करोड़ रुपए गायब होने पर उठाए सवाल

Jharkhand Treasury Scam : भारतीय जनता पार्टी झारखंड (BJP Jharkhand) के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव (Pratul Shahdeo) ने झारखंड सरकार पर राज्य के खजाने में भारी सेंधमारी करने और कथित कोषागार घोटाले (Jharkhand Treasury Scam) को दबाने का गंभीर आरोप लगाया है। मंगलवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाहदेव ने कहा कि झारखंड सरकार (Jharkhand Government) असली दोषियों को बचाने के लिए जांच के नाम पर केवल समय व्यतीत कर रही है। उन्होंने राज्य की वित्तीय स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जांच की जटिल प्रक्रिया का उपयोग सच्चाई को उजागर करने के बजाय उसे ठंडे बस्ते में डालने के लिए किया जा रहा है।

वित्त मंत्री से मांगा हिसाब | Jharkhand Treasury Scam

प्रतुल शाहदेव ने सीधे तौर पर प्रदेश के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर (Radha Krishna Kishore) पर निशाना साधते हुए उनसे सार्वजनिक स्पष्टीकरण की मांग की है। शाहदेव ने सवाल उठाया कि राज्य के खजाने से गायब बताए जा रहे 10,000 करोड़ रुपये का रहस्य आखिर क्या है और क्या यह पूरी राशि सीधे तौर पर हालिया ट्रेजरी घोटाले का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया द्वारा इस वित्तीय अनियमितता का निरंतर पर्दाफाश किए जाने के बावजूद, सरकार की ओर से पारदर्शिता की कोई भी गंभीर कोशिश नहीं की गई, जो संदेहास्पद है।

सोची-समझी रणनीति : BJP

भाजपा प्रवक्ता ने सरकार की कार्यशैली पर प्रहार करते हुए कहा कि “समिति पर समिति” और “एसआईटी पर एसआईटी” (SIT) का गठन करना वास्तविक अपराधियों को सुरक्षित रास्ता देने की एक सुनियोजित रणनीति है। उन्होंने बताया कि वित्त विभाग के उप सचिव ज्योति झा के नेतृत्व में गठित प्रारंभिक समिति ने बोकारो में गहन अनियमितताओं का खुलासा किया था, जिसमें पुलिस अधीक्षक (SP) के नाम पर अवैध रूप से 16 करोड़ रुपये की निकासी की बात सामने आई थी। शाहदेव का आरोप है कि इस रिपोर्ट के तथ्यों को दबाने के लिए ही 17 अप्रैल को उत्पाद सचिव के नेतृत्व में एक नई समिति बनाई गई और पुरानी समिति का इसमें विलय कर दिया गया, ताकि उसकी स्वतंत्र रिपोर्ट कभी सार्वजनिक न हो सके।

SIT व SIT की कार्यप्रणाली पर संदेह | Jharkhand Treasury Scam

प्रतुल शाहदेव ने बोकारो के तत्कालीन एसपी को हटाए जाने की प्रक्रिया और सीआईडी जांच (CID Probe) में देरी पर भी तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि मीडिया के दबाव के बाद जब सीआईडी ने जांच शुरू की, तो उसे आईजी (मानवाधिकार) की अध्यक्षता वाली एक विशेष जांच टीम (SIT) के अधीन कर दिया गया। शाहदेव के अनुसार, इस कदम से जांच की स्वतंत्रता समाप्त हो गई है क्योंकि सीआईडी (CID) के कनिष्ठ अधिकारी अपने ही विभाग के वरिष्ठ आईजी के खिलाफ निष्पक्ष जांच करने में अक्षम होंगे। इसके अलावा, एसआईटी के लिए कोई निश्चित समय सीमा तय न होना इस आशंका को पुख्ता करता है कि सरकार मामले को लंबा खींचकर भुला देना चाहती है।

केंद्रीय एजेंसियों से जांच की मांग | Jharkhand Treasury Scam

प्रेस वार्ता में प्रतुल शाहदेव ने कहा कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि राज्य सरकार की एजेंसियां इस घोटाले की गहराई तक पहुँचने में असमर्थ या अनिच्छुक हैं। उन्होंने मांग की कि इस पूरे प्रकरण में केवल छोटे कर्मचारियों या लेखापालों पर कार्रवाई कर मामले को खत्म न किया जाए, बल्कि इसमें शामिल “बड़ी मछलियों” को बेनकाब किया जाए। भाजपा ने मांग की है कि इस 10,000 करोड़ के कथित घोटाले की जांच तत्काल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सौंपी जाए, ताकि अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय कड़ियों को जोड़कर सच्चाई सामने लाई जा सके। इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी उपस्थित रहे।

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