- मुरहू में हुई घटना, क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील, स्थिति तनावपूर्ण, लेकिन नियंत्रण में
Khunti Stone Pelting Communal Tension : खूंटी जिले के मुरहू क्षेत्र में दो समुदायों के बीच तनाव शनिवार को हिंसक झड़प में बदल गया, जहां जमकर पत्थरबाजी हुई। इस घटना में मुरहू थाना प्रभारी नोयेएल गोडविन केरकेट्टा समेत कई पुलिसकर्मी और आम लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को रामनवमी शोभायात्रा के दौरान पथराव की घटना के बाद से ही क्षेत्र में तनाव बना हुआ था, जो शनिवार को और अधिक बढ़ गया। पूरे दिन माहौल तनावपूर्ण बना रहा और कई जगहों पर झड़प की घटनाएं सामने आईं।
मस्जिद गली में पथराव से शुरू हुआ विवाद
रामनवमी समिति के सदस्यों के अनुसार, शुक्रवार शाम शांतिपूर्ण तरीके से शोभायात्रा निकाली जा रही थी। इसी दौरान मस्जिद गली में अचानक पथराव शुरू हो गया, जिससे स्थिति बिगड़ गई। इस घटना में थाना प्रभारी सहित कई लोग घायल हुए। इसके विरोध में शनिवार को आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दिया और पूरे मुरहू में बंद का आह्वान किया। इसके बाद दूसरे दिन भी तनाव बरकरार रहा और सुबह फिर से पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आईं। इस दौरान गोली चलने की भी सूचना है, जिससे हालात और गंभीर हो गए।
प्रशासन की तत्परता, भारी पुलिस बल की तैनाती
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। मौके पर एसडीएम दीपेश कुमारी, एसडीपीओ वरुण रजक, हेडक्वार्टर डीएसपी अखिल कुजूर, डीसीएलआर अरविंद ओझा, मुरहू बीडीओ रंजीत सिंह, तोरपा बीडीओ नवीन झा, मुरहू सीओ शंकर कुमार विद्यार्थी, रनिया बीडीओ प्रशांत डांग सहित कई अधिकारी पहुंचे। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए तपकरा, सायको, मरांगहादा सहित कई थाना क्षेत्रों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
निषेधाज्ञा लागू, दंगा नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम
प्रशासन ने मुरहू मुख्य सड़क मार्ग पर बीएनएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। लोगों को एकत्रित न होने और क्षेत्र खाली करने के निर्देश साउंड सिस्टम के माध्यम से दिए जा रहे हैं। दंगा नियंत्रण के लिए वज्र वाहन, रैपिड एक्शन फोर्स (QRT टीम), वाटर कैनन, अश्रु गैस के गोले और महिला-पुरुष पुलिस बल की तैनाती की गई है। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
ग्रामीणों की मांग और प्रशासन का आश्वासन
आक्रोशित ग्रामीणों ने थाना प्रभारी को निलंबित करने और गोली चलाने वाले आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष विनोद जायसवाल, प्रियांक भगत और मुकेश जायसवाल की गाड़ी पर भी हमला किया गया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया और वे घायल हो गए। अनुमंडल पदाधिकारी दीपेश कुमारी ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, हालांकि तनाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों से बातचीत जारी है और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसडीपीओ को निर्देश दिए गए हैं।
अफवाहों से बचने की अपील, जांच जारी
प्रशासन के अनुसार, रामनवमी जुलूस के दौरान कुछ लोगों को पत्थर लगने का अहसास हुआ, जिससे विवाद की शुरुआत हुई। पत्थर कहां से आया, इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है और इसकी जांच की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है और लोगों से शांति बनाए रखने तथा अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।



