- सादगी और सेवा-भाव ने खींचा ध्यान, भावनाओं, विश्वास और जनसमर्थन के साथ चुनावी मैदान में उतरीं सुधा गुप्ता
Jamshedpur/Jharkhand : मानगो नगर निगम चुनाव 2026 के तहत मंगलवार को मेयर पद की प्रत्याशी सुधा गुप्ता ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। यह केवल एक औपचारिक राजनीतिक प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि इसमें सादगी, संवेदना, संघर्ष और सेवा-भाव की गहरी छाप देखने को मिली। पूरे नामांकन कार्यक्रम में शोर-शराबे और तामझाम से दूर, एक शांत लेकिन मजबूत संदेश साफ नजर आया—जनता के लिए राजनीति, न कि राजनीति के लिए जनता।पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने खुद विदा कर दिया नामांकन के लिएनामांकन से पहले सुधा गुप्ता के आवास पर एक भावुक दृश्य देखने को मिला। उनके जीवनसाथी एवं झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने स्वयं कार का दरवाजा खोलकर उन्हें बैठाया और नामांकन के लिए रवाना किया।
पूजा-अर्चना कर की जनता के सुख-समृद्धि की कामना
नामांकन के लिए रवाना होने से पूर्व सुधा गुप्ता ने अपने आवास पर पूजा-अर्चना कर ईश्वर का आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने कदमा स्थित रंकनी मंदिर और मानगो के बड़ा हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
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हर समाज का समर्थन, जन-जन की आवाज बनीं सुधा गुप्ता
नामांकन के दौरान मानगो के हर सामाजिक वर्ग का समर्थन देखने को मिला। इस अवसर पर मुस्लिम समाज से बुद्धिजीवी व शिक्षाविद डॉ. मोहम्मद जकारिया, सिख समाज से मानगो गुरुद्वारा के प्रधान भगवान सिंह, ब्राह्मण समाज से बिपिन झा, वैश्य समाज से भगवान प्रसाद व ऑल इंडिया रौनियार वैश्य महासभा की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष लीला गुप्ता, ईसाई समुदाय से डेविड पूर्ति, विश्वकर्मा समाज से राजेश शर्मा उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि सुधा गुप्ता केवल एक प्रत्याशी नहीं, बल्कि मानगो की सामूहिक आवाज़ हैं।
यह पद की नहीं, मानगो की हर बेटी व मां के सपनों की लड़ाई : सुधा गुप्ता
नामांकन के बाद सुधा गुप्ता ने भावुक शब्दों में कहा कि यह चुनाव उनके लिए किसी पद का नहीं, बल्कि मानगो की हर बेटी, हर मां और हर परिवार के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि जनता का प्रेम, विश्वास और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। यह नामांकन मानगो में बदलाव, सम्मान और सशक्त नेतृत्व की नई शुरुआत है।
बिना भीड़-भाड़ के नामांकन, सादगी को बताया अपनी पहचान
सुधा गुप्ता का नामांकन पूरी तरह सादगीपूर्ण रहा। न कोई रैली, न भीड़ और न ही तामझाम। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सादगी ही उनकी पहचान है।उन्होंने कहा कि मानगो को जाम से राहत दिलाने के लिए बन्ना गुप्ता के प्रयास से फ्लाईओवर निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहा है। सड़कों की संकीर्णता और निर्माण कार्य के कारण यदि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता आते, तो जनता को परेशानी होती। इसलिए उन्होंने सीमित प्रतिनिधियों के साथ नामांकन का निर्णय लिया।



