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Jharkhand Doctors List: 631 डॉक्टरों की बर्खास्तगी की तैयारी, उठे सवाल

1988 से 2023 तक के डॉक्टर शामिल, ऑन ड्यूटी और एनओसी लेकर पढ़ रहे चिकित्सकों के भी नाम

Jharkhand Doctors List: झारखंड स्वास्थ्य विभाग (Jharkhand Health Department) में नया विवाद खड़ा हो गया है। अनुपस्थित 631 डॉक्टरों की सेवा समाप्ति की तैयारी है। विभाग द्वारा तैयार सूची पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कई डॉक्टर वर्तमान में नियमित ड्यूटी कर रहे हैं। वहीं कई चिकित्सक अनुमति लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में सूची की शुद्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं। विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

Jharkhand Doctors List: एनओसी लेकर पीजी की पढ़ाई करने वालों को बताया गया अनुपस्थित

स्वास्थ्य विभाग ने कई सेवारत चिकित्सकों को अनुपस्थित दर्शाया है। कई डॉक्टर पीजी और सुपर स्पेशियलिटी की पढ़ाई कर रहे हैं। चिकित्सकों ने विभाग से विधिवत एनओसी ली हुई है। वे अनापत्ति प्रमाणपत्र लेकर ही उच्च शिक्षा में गए थे। डॉक्टरों का कहना है कि वे अनुमति लेकर पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें ड्यूटी से गायब मानना पूरी तरह गलत है। विभाग की इस कार्रवाई से डॉक्टरों में भारी रोष है।

Jharkhand Doctors List: बुंडू अस्पताल में तैनात डॉ. शोभा टोप्पो का नाम भी सूची में शामिल

सूची में लगातार काम कर रहे डॉक्टरों के नाम भी शामिल हैं। इसमें डॉ. शोभा टोप्पो का उदाहरण सामने आया है। उनकी नियुक्ति वर्ष 2009 में हुई थी। इसके बाद अलग-अलग अस्पतालों में उनकी पदस्थापना होती रही। वर्तमान में वह बुंडू अनुमंडलीय अस्पताल में कार्यरत हैं। वे 26 अक्टूबर 2026 तक लगातार सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने विभाग को आवेदन देकर अपना पक्ष स्पष्ट किया है। इस मामले ने सत्यापन प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े किए हैं।

1988 से 2023 तक के डॉक्टर शामिल, 2009 और 2015 के सर्वाधिक नाम

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों में कई वर्ष शामिल हैं। साल 1988 का एक और 1990 के 16 डॉक्टर हैं। साल 1997 के दो और 2000 के सात डॉक्टर हैं। साल 2009 में नियुक्त सर्वाधिक 308 डॉक्टर शामिल हैं। इसके अलावा 2012 के 65 और 2013 के 38 डॉक्टर हैं। साल 2015 में नियुक्त 124 डॉक्टरों के नाम हैं। वहीं 2020 के 37 और 2021 के 17 डॉक्टर हैं। साल 2023 के 16 चिकित्सकों को मिलाकर कुल 631 हैं। आंकड़ों के अनुसार 2009 और 2015 के सर्वाधिक डॉक्टर हैं।

वर्ष 2025 में 143 चिकित्सकों की सेवा पहले ही की जा चुकी है समाप्त

नियुक्ति के बाद योगदान नहीं देने पर पहले भी कार्रवाई हुई है। साल 2025 में जेपीएससी से नियुक्त 143 डॉक्टर हटाए गए थे। इनमें 86 मेडिकल ऑफिसर और 57 विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल थे। इन सभी पर कार्यस्थल पर योगदान नहीं देने का आरोप था। अब विभाग 631 डॉक्टरों पर कार्रवाई आगे बढ़ा रहा है। इसका मकसद सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित करना है। इससे खाली पदों पर नई नियुक्ति का रास्ता साफ होगा।

विभाग ने दिया त्रुटि सुधार का भरोसा, सेवा रिकॉर्ड की होगी जांच

स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि सूची की त्रुटियां दूर होंगी। अब देखना होगा कि विभाग वास्तविक पदस्थापना की जांच कैसे करता है। डॉक्टरों की दैनिक उपस्थिति और उच्च शिक्षा एनओसी जांची जाएगी। नियमित सेवा दे रहे चिकित्सकों के रिकॉर्ड में सुधार जरूरी होगा। केवल सूची में नाम होना अनुशासनहीनता का प्रमाण नहीं है। निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

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