विधायक सरयू राय ने कहा है कि डीप बोरिंग बंद हो, इससे क्षेत्र के चापाकल सूख जाएंगे। बोरिंग करना पर्यावरण स्वीकृति के प्रावधान के विरुद्ध है। जितनी बोरिंग हो गई है, उसका परिचालन अविलंब बंद किया जाए। डीप बोरिंग से जनता को होगी परेशानी, सरकार जल्द करे समाधान।

Jamshedpur : जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने बुधवार को झारखंड के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव से आग्रह किया कि एमजीएम अस्पताल के नए भवन में भूमिगत जल का उपयोग न किया जाए और डीप बोरिंग पर रोक लगाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अस्पताल के लिए डीप बोरिंग की जाती है, तो आसपास के इलाकों में जल संकट गहरा जाएगा और चापाकल सूखने लगेंगे, जिससे स्थानीय लोग परेशान होंगे।

सरयू राय ने कहा कि अस्पताल के संचालन के लिए जिन पर्यावरणीय स्वीकृतियों को मंजूरी दी गई है, उनमें कहीं भी भूमिगत जल के उपयोग की अनुमति नहीं है। ऐसे में अगर सरकार नियमों की अनदेखी कर बोरिंग करवाती है, तो यह पर्यावरणीय प्रावधानों का सीधा उल्लंघन होगा।

अस्पताल के लिए 500 लाख लीटर पानी की जरूरत
अपने बयान में सरयू राय ने कहा है कि एमजीएम अस्पताल को सुचारू रूप से चलाने के लिए 500 लाख लीटर पानी की जरूरत होगी। इसके लिए सरकार को नगर निगम से स्वीकृति लेनी होगी, ताकि रोजाना 300 लाख लीटर पानी की आपूर्ति अस्पताल को की जा सके। बाकी जरूरत को अस्पताल में पुनः शुद्ध किए गए जल से पूरा किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में न तो स्वास्थ्य मंत्री और न ही मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर ध्यान दिया। अब चुनाव के समय हड़बड़ी में एमजीएम अस्पताल की ओपीडी को नए भवन में शिफ्ट कर दिया गया, जबकि ठेकेदार ने अभी तक भवन को पूरी तरह हैंडओवर भी नहीं किया है।
सरयू राय के दो वैकल्पिक सुझाव
सरयू राय ने सरकार को दो व्यावहारिक समाधान सुझाए, जिससे एमजीएम अस्पताल को पर्याप्त मात्रा में पानी मिल सके।
1. डिमना लेक से जल आपूर्ति : जमशेदपुर के लिए मानगो होते हुए डिमना लेक से पानी की आपूर्ति की जाती है। उसी पाइपलाइन से एमजीएम अस्पताल को भी कनेक्शन दिया जा सकता है।
2. सतनाला डैम से जलापूर्ति : जमशेदपुर के पास पारडीह के नजदीक सतनाला डैम स्थित है। यह ऊंचाई पर स्थित है, जिससे गुरुत्वाकर्षण बल की मदद से कम लागत में पानी लाया जा सकता है। इससे न केवल एमजीएम अस्पताल को पर्याप्त पानी मिलेगा, बल्कि मानगो के स्थानीय लोगों की जल आपूर्ति भी प्रभावित नहीं होगी।
स्वर्णरेखा नदी से पानी लाने की योजना असफल होगी
सरयू राय ने यह भी जानकारी दी कि स्वास्थ्य विभाग ने एमजीएम अस्पताल के लिए स्वर्णरेखा नदी से पानी खींचने की योजना बनाई है, लेकिन उन्होंने इसे बेहद कमजोर विकल्प बताया। उन्होंने कहा है, “यह योजना न केवल महंगी है, बल्कि इसमें ढाई साल का समय लगेगा। साथ ही, नदी के पानी की गुणवत्ता भी सही नहीं होगी। इसके बजाय, अगर सरकार सतनाला डैम से पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू करे, तो मात्र छह महीने के भीतर एमजीएम अस्पताल को शुद्ध जल मिल सकता है।”
नए बोरिंग पर रोक लगाने की मांग
सरयू राय ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि स्वास्थ्य विभाग ने एमजीएम अस्पताल के परिसर में नए बोरिंग की योजना बनाई है। उन्होंने इसे पर्यावरणीय नियमों के खिलाफ बताते हुए तुरंत रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा है, “नए बोरिंग बिल्कुल नहीं होने चाहिए और पहले से किए गए बोरिंग को भी बंद कर देना चाहिए। अगर सरकार जल्द ही सही फैसला नहीं लेती, तो जनता को इसका बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।”
विधायक सरयू राय ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर जल संकट से बचना है, तो डीप बोरिंग को रोकना होगा और वैकल्पिक जल स्रोतों पर काम करना होगा। उन्होंने मांग की कि सतनाला डैम या डिमना लेक से जल आपूर्ति की जाए, ताकि एमजीएम अस्पताल और स्थानीय जनता दोनों को राहत मिल सके।
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