एआईसीटीई, शिक्षा मंत्रालय और वाधवानी फाउंडेशन की संयुक्त पहल, तीन दिवसीय कार्यक्रम में 25 राज्यों के स्कूल लीडर्स हो रहे हैं शामिल
Jamshedpur : अरका जैन यूनिवर्सिटी में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) और शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल (एमआईसी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय “इनोवेशन, डिज़ाइन और एंटरप्रेन्योरशिप (आईडीई) बूटकैंप” का बुधवार को विधिवत उद्घाटन हुआ। 17 से 19 दिसंबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम के प्रथम चरण का उद्देश्य पीएम श्री स्कूलों के प्रिंसिपलों और शिक्षकों को भविष्य की उद्यमिता शिक्षा के लिए तैयार करना है। इस बूटकैंप का आयोजन वाधवानी फाउंडेशन के सहयोग से किया गया है, जो विश्वस्तरीय एंटरप्रेन्योरशिप शिक्षा में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है।
राष्ट्रीय स्तर पर वर्चुअल उद्घाटन
इस विशाल आयोजन का राष्ट्रीय उद्घाटन एआईसीटीई के चेयरमैन प्रो. सीताराम टी.जी., स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के एडिशनल सेक्रेटरी धीरज साहू एवं एआईसीटीई के वाइस चेयरमैन डॉ. अभय जेरे ने संयुक्त रूप से किया। इस पहल के माध्यम से 25 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के पीएम श्री स्कूलों के शिक्षकों को नवाचार के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
अरका जैन यूनिवर्सिटी में राज्य स्तरीय समारोह
झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया स्थित अरका जैन यूनिवर्सिटी में आयोजित इस कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में कई दिग्गज हस्तियां शामिल हुईं। इनमें सरायकेला-खरसावां जिले के डीईओ सह डीएसई कैलाश मिश्रा, शिक्षा मंत्रालय इनोवेशन सेल के स्टार्टअप फेलो गोपाल शर्मा, एमिटी यूनिवर्सिटी, झारखंड के प्रो. सिद्धार्थ राजा हलदर और रेवा यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु की प्रो. पल्लवी बिरादर प्रमुख थीं। विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ 190 से अधिक प्राचार्य और शिक्षक इस सत्र में शामिल हुए।
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और नवाचार पर बल
इस अवसर पर डीईओ कैलाश मिश्रा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छात्रों में रचनात्मकता और समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। गोपाल शर्मा एक ऐसे समावेशी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण पर बल दिया जो स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा और उद्योगों को आपस में जोड़ सके।
विशेषज्ञ सत्र में ‘डिज़ाइन थिंकिंग’ और ‘इनोवेशन पेडागोजी’ पर चर्चा
प्रो. सिद्धार्थ राजा हलदर और प्रो. पल्लवी बिरादर ने ‘डिज़ाइन थिंकिंग’ और ‘इनोवेशन पेडागोजी’ पर गहन सत्र लिए। उन्होंने समस्या की पहचान करने और स्कूलों में उद्यमी मानसिकता (Entrepreneurial Mindset) विकसित करने की व्यावहारिक रणनीतियों पर चर्चा की।
तीन दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा
यह बूटकैंप केवल व्याख्यानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समूह गतिविधियां, गहन कार्य सत्र और आकर्षक कार्यशालाएं शामिल हैं। प्रतिभागी नवाचार के “क्यों,” “क्या,” और “कैसे” जैसे पहलुओं को बारीकी से समझेंगे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य
- – शिक्षकों को डिज़ाइन थिंकिंग के व्यावहारिक उपकरणों से लैस करना।
- – शिक्षा व्यवस्था में रचनात्मक बदलाव लाने के लिए रणनीतियां बनाना।
- – स्कूलों में उद्यमिता-आधारित सीखने की संस्कृति को लागू करना।
कार्यक्रम संपन्न होने तक प्रतिभागी अपने संस्थानों में नवाचार-संचालित शिक्षा का ढांचा तैयार करने में सक्षम होंगे, ताकि छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सके।



