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Arka Jain University : अर्का जैन विश्वविद्यालय के शोधार्थियों ने हरिसुंदरपुर गांव में चलाया ‘आयुष्मान भारत योजना’ जागरूकता अभियान, ग्रामीणों को स्वास्थ्य लाभ से जोड़ने की पहल

Jamshedpur : अर्का जैन विश्वविद्यालय के शोध विभाग ने राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई और उन्नत भारत अभियान (UBA) सेल के सहयोग से हरिसुंदरपुर गांव में एक विशेष जागरूकता अभियान का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों को ‘आयुष्मान भारत योजना’ के तहत मिलने वाले स्वास्थ्य लाभों के प्रति जागरूक करना था। यह अभियान पीएचडी शोधार्थियों के अनुभवात्मक शिक्षा कार्यक्रम का हिस्सा था, जिसमें उन्हें ग्रामीण समुदायों के बीच काम करने और उनकी समस्याओं को समझने का अवसर मिला।

शोधार्थियों ने किया योजनाबद्ध सर्वेक्षण

कार्यक्रम के दौरान शोधार्थियों ने एक संरचित प्रश्नावली के माध्यम से ग्रामीणों के बीच इस योजना की जानकारी के स्तर का आकलन किया। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे इस योजना के तहत गरीब और वंचित परिवारों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कवर मिलता है और इसका लाभ कैसे उठाया जा सकता है। शोधार्थियों ने स्वास्थ्य कार्ड बनवाने की प्रक्रिया, अधिकृत अस्पतालों की सूची और योजना के तहत मिलने वाले उपचारों की जानकारी भी दी।

एनएसएस और यूबीए सेल की रही सक्रिय भागीदारी

इस अभियान में एनएसएस और यूबीए सेल के स्वयंसेवकों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने घर-घर जाकर ग्रामीणों को आयुष्मान भारत योजना की जानकारी दी, साथ ही योजना से जुड़े भ्रांतियों और संकोच को दूर करने में मदद की। ग्रामीणों के साथ शोधार्थियों की सार्थक बातचीत और उनकी उत्साहजनक प्रतिक्रिया ने इस कार्यक्रम को सफल बना दिया।

वरिष्ठ शिक्षकों ने किया मार्गदर्शन

इस जागरूकता अभियान का समन्वयन शोध विभाग की प्रमुख प्रो. डॉ. सोनिया रियात ने किया। इस दौरान एनएसएस सेल और यूबीए सेल के समन्वयक डॉ. मनोज कुमार पाठक, डॉ. रूपा सरकार और डॉ. संतोष कुमार सिंह उपस्थित रहे।

इसके अलावा, डीन-छात्र कल्याण प्रो. डॉ. अंगद तिवारी और प्रबंधन बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. डॉ. एस.एस. रज़ी ने शोधार्थियों के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां छात्रों को समाज के प्रति जागरूक बनाती हैं और ग्रामीण समुदायों के स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देती हैं।

हरिसुंदरपुर गांव में इस योजना को लेकर ग्रामीणों की जागरूकता कम थी, जिसे बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय के शोधार्थियों और स्वयंसेवकों ने यह सराहनीय पहल की।

हरिसुंदरपुर के ग्रामीणों ने बताया कि अर्का जैन विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित यह जागरूकता अभियान न केवल हमें स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने में मददगार साबित हुआ, बल्कि छात्रों के लिए भी एक महत्वपूर्ण अनुभव बन गया। यह अभियान शिक्षा को समाजसेवा से जोड़ने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

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