- विश्वविद्यालय में पीएम श्री विद्यालयों के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए तीन दिवसीय क्षेत्रीय नवाचार मेंटरिंग सत्र आरंभ
- झारखंड के विभिन्न जिलों से आए पीएम श्री विद्यालयों एवं जवाहर नवोदय विद्यालय के 120 से अधिक शिक्षक एवं छात्र- छात्राएं शामिल
jamshedpur: झारखंड के सरायकेला- खरसावां जिले के गम्हारिया स्थित आर्का जैन विश्वविद्यालय में बुधवार (28 जनवरी 2026) से पीएम श्री विद्यालयों एवं जवाहर नवोदय विद्यालय के शिक्षकों एवं छात्र- छात्राओं के लिए तीन दिवसीय क्षेत्रीय मेंटरिंग सत्र (28–30 जनवरी 2026) की शुरुआत हुई। यह आयोजन एआईसीटीई, शिक्षा मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल (एमआईसी) तथा वाधवानी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है।
कार्यक्रम का उद्देश्य
इस कार्यक्रम में पीएम श्री विद्यालयों के 120 से अधिक शिक्षक एवं छात्र- छात्राएं हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप विद्यालय स्तर पर नवाचार, रचनात्मकता एवं समस्या-समाधान कौशल को बढ़ावा देना है।
नवाचार व उद्यमशील सोच विकसित करने पर बल
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि एआईसीटीई के नोडल हेड विधिकर विशाल थे। उन्होंने कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षकों व विद्यार्थियों के बीच नवाचार तथा उद्यमशील सोच विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में आर्का जैन विश्वविद्यालय के प्रो वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) अंगद तिवारी, कुलसचिव सह निदेशक डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव, विश्वविद्यालय के नोडल पदाधिकारी डॉ. अश्विनी कुमार एवं आईक्यूएसी के निदेशक डॉ. अरविंद पांडेय की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
डिजाइन थिंकिंग की मूल अवधारणाओं पर चर्चा
कार्यक्रम के पहले दिन वाधवानी फाउंडेशन के विशेषज्ञों ने तकनीकी सत्र का संचालन किया। डॉ. अरविंद देशमुख ने “डिज़ाइन थिंकिंग फाउंडेशन : आपकी नवाचार यात्रा में अंतराल की पहचान” विषय पर विस्तृत चर्चा की। इसमें डिजाइन थिंकिंग की मूल अवधारणाओं, समस्या पहचान एवं आवश्यकता आधारित नवाचार पर चर्चा की गई। इसके बाद पल्लवी बिरादार ने इसी विषय पर अपने विचार रखे, जिसमें सहानुभूति, विचार सृजन (आइडिएशन) एवं नवाचार प्रक्रिया में अंतराल को दूर करने की रणनीतियों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
राष्ट्रीय स्तर की योजनाओं एवं अवसरों की जानकारी
इसके अलावा विद्यालयी शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (DoSEL), शिक्षा मंत्रालय की नवाचार पहलों पर एक विशेष सत्र हुआ, जिसमें पीएम श्री विद्यालयों के लिए उपलब्ध राष्ट्रीय स्तर की योजनाओं एवं अवसरों से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया।
इस मेंटरिंग सत्र का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों एवं छात्र- छात्राओं को डिजाइन थिंकिंग एवं नवाचार के आवश्यक उपकरणों से युक्त कर सशक्त बनाना, वास्तविक जीवन की समस्याओं के लिए रचनात्मक समाधान विकसित करना तथा विद्यालय स्तर के नवाचार प्रयासों को राष्ट्रीय शिक्षा एवं नवाचार नीतियों से जोड़ना है। कार्यक्रम के प्रथम दिन के परिणामस्वरूप प्रतिभागियों में डिजाइन थिंकिंग की बेहतर समझ विकसित हुई। नवाचार यात्रा में अंतराल की पहचान करने की क्षमता बढ़ी, शिक्षा मंत्रालय की नवाचार पहलों के प्रति जागरूकता में वृद्धि हुई तथा शिक्षकों एवं छात्र- छात्राओं में नवाचार-आधारित शिक्षण-अधिगम के प्रति उत्साह एवं प्रेरणा का संचार हुआ।



