spot_img
spot_img
Homeझारखंडकोल्हान प्रमंडलArka Jain University Blood Donation Camp : रक्तदाता "जीवनदाता" होते हैं, वे...

Related Posts

Arka Jain University Blood Donation Camp : रक्तदाता “जीवनदाता” होते हैं, वे एक नहीं कई लोगों का जीवन बचाते हैं : डॉ अमित श्रीवास्तव 

  • यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर 50 यूनिट रक्त संग्रह 

Adwik, Jamshedpur

राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर अरका जैन विश्वविद्यालय के एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) यूनिट द्वारा एक महत्वपूर्ण रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना और जरूरतमंद लोगों के जीवन की रक्षा करना था। शिविर का शुभारंभ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. अमित श्रीवास्तव, प्रबंधन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. एसएस रजी, परिसर निदेशक डॉ. अंगद तिवारी, और एनएसएस को-ऑर्डिनेटर पारस नाथ मिश्र द्वारा संयुक्त रूप से किया गया, जहां उन्होंने सभी रक्तदाताओं को सम्मानित किया और उनके योगदान की सराहना की।

 

रजिस्ट्रार डॉ. अमित श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रक्तदान न केवल एक व्यक्ति के जीवन को बचाता है, बल्कि यह सामुदायिक स्वास्थ्य में भी योगदान देता है। उन्होंने रक्तदाताओं को ‘जीवनदाता’ की उपाधि दी और कहा, “जो व्यक्ति रक्तदान करता है, वह एक नहीं बल्कि कई जीवन बचाता है। रक्त की एक-एक बूंद अनमोल होती है और यह हमारे समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है कि हम समय-समय पर रक्तदान करें। इससे न केवल हमारे शरीर को लाभ होता है, बल्कि यह हमें एक अच्छा नागरिक बनने का मौका भी देता है।”

 

परिसर निदेशक डॉ. अंगद तिवारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि “रक्तदान जीवन का सबसे बड़ा दान है। रक्तदान के माध्यम से हम अपने समाज में जीवन की निरंतरता को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।” उन्होंने विश्वविद्यालय के सभी छात्रों और कर्मचारियों को इस महान कार्य में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। एनएसएस को-ऑर्डिनेटर पारस नाथ मिश्र ने कहा कि अरका जैन विश्वविद्यालय नियमित रूप से रक्तदान शिविर आयोजित करता रहा है और इस प्रकार के जागरूकता अभियानों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करता है। उन्होंने जमशेदपुर ब्लड बैंक का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस शिविर में सहयोग प्रदान किया।

 

इस रक्तदान शिविर में 50 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जो जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा में अहम योगदान देगा। शिविर के आयोजन में प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. मनोज पाठक, डॉ. राजीव सिंह, पिंकी दत्ता और एनएसएस के वालंटियर्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने शिविर को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

 

डॉ. अमित श्रीवास्तव ने अपने भाषण में यह भी कहा कि रक्तदान केवल एक शारीरिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। “एक यूनिट रक्त, एक नहीं बल्कि तीन लोगों की जान बचा सकता है। यह हर सक्षम व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह नियमित रूप से रक्तदान करे और समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद करे।”

 

इस शिविर ने न केवल रक्तदान के महत्व को रेखांकित किया बल्कि विश्वविद्यालय के छात्रों और कर्मचारियों के बीच समाजसेवा की भावना को भी प्रोत्साहित किया।

[wpse_comments_template]

Latest Posts