मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से दिसंबर के विधानसभा सत्र से पहले अधिसूचना जारी करने की मांग, संविधान के तहत महानगर योजना समिति गठित करने पर जोर
Jamshedpur Metropolitan Corporation: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जमशेदपुर को महानगरपालिका घोषित करने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में राज्य सरकार से शीघ्र अधिसूचना जारी करने का आग्रह किया है। विधायक ने कहा है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243जेडई के प्रावधानों के तहत महानगर योजना समिति का गठन किया जाना चाहिए। इसमें जमशेदपुर और आसपास के शहरी तथा ग्रामीण इलाकों को शामिल किया जाना जरूरी है। उन्होंने मांग की है कि दिसंबर में होने वाले विधानसभा सत्र से पहले इसकी अधिसूचना जारी की जाए, ताकि पूरे क्षेत्र के एकीकृत विकास का रास्ता साफ हो सके।
Jamshedpur Metropolitan Corporation: शहरी और ग्रामीण इलाकों को जोड़ने की जरूरत
सरयू राय ने शहर और आसपास के निकायों को एक साथ जोड़ने की आवश्यकता बताई है। उन्होंने कहा है कि जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति, मानगो नगर निगम, आदित्यपुर नगर निगम और जुगसलाई नगर परिषद को एकीकृत विकास योजना के दायरे में लाया जाना चाहिए। इसके साथ ही बागबेड़ा, सुंदरनगर और गोविंदपुर समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी इसमें शामिल करने की जरूरत है। इन सभी इलाकों के बीच भौगोलिक नजदीकी और नागरिक सुविधाओं को लेकर आपसी निर्भरता बनी हुई है। इसे देखते हुए महानगरपालिका की व्यवस्था और महानगर योजना समिति का गठन आज समय की सबसे बड़ी मांग है।
Jamshedpur Metropolitan Corporation: बुनियादी सुविधाओं में होगा सुधार
विधायक ने बताया है कि महानगर योजना समिति बनने से आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके माध्यम से पेयजल, बिजली और साफ-सफाई जैसी जरूरी नागरिक सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था की जा सकेगी। साथ ही पूरे क्षेत्र में समन्वित रूप से बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा सकेगा। विकास योजनाओं को तैयार करने और उन्हें धरातल पर उतारने में भी आसानी होगी। इसके अलावा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और स्थानीय पर्यावरण तथा पारिस्थितिकी को बेहतर बनाने का काम भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।
5 अगस्त 2022 को विधानसभा में पेश किया था गैर-सरकारी संकल्प
सरयू राय ने मुख्यमंत्री को चार साल पुराने घटनाक्रम की भी याद दिलाई है। उन्होंने बताया कि 5 अगस्त 2022 को उन्होंने विधानसभा में इस मुद्दे पर गैर-सरकारी संकल्प पेश किया था। उस समय सरकार ने अपने जवाब में माना था कि संविधान के अनुच्छेद 243जेडई में महानगर योजना समिति बनाने का प्रावधान है। सरकार ने भी जमशेदपुर, मानगो, जुगसलाई, आदित्यपुर और बागबेड़ा, सुंदरनगर व गोविंदपुर को मिलाकर समिति बनाने की जरूरत स्वीकार की थी। हालांकि तब सरकार ने जमशेदपुर, मानगो और जुगसलाई में निर्वाचित बोर्ड नहीं होने का हवाला दिया था। साथ ही आदित्यपुर नगर निगम के बोर्ड का कार्यकाल अगले वर्ष खत्म होने की बात कहकर प्रस्ताव विचाराधीन नहीं होने की जानकारी दी थी।
निकाय चुनाव और औद्योगिक समिति के आदेश के बाद दूर हो चुकी हैं पुरानी बाधाएं
विधायक ने कहा है कि अब पहले जैसी परिस्थितियां नहीं रह गई हैं और तमाम बाधाएं दूर हो चुकी हैं। मानगो नगर निगम, जुगसलाई नगर परिषद, आदित्यपुर नगर निगम और कपाली नगर परिषद के चुनाव संपन्न हो चुके हैं। दूसरी ओर जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति की जगह औद्योगिक समिति गठित करने का आदेश भी जारी किया जा चुका है। ऐसे में अब महानगरपालिका के गठन और महानगर योजना समिति बनाने की राह में कोई अड़चन नहीं बची है।
अधिसूचना जारी नहीं होने पर विधानसभा के आगामी सत्र में फिर गूंजेगा मुद्दा
सरयू राय ने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास नगर विकास विभाग के मंत्री का भी प्रभार है। इसलिए वे इस महत्वपूर्ण विषय पर तुरंत फैसला ले सकते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से संविधान के प्रावधानों के मुताबिक महानगरपालिका बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अपील की है। इसके साथ ही सरयू राय ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि दिसंबर के विधानसभा सत्र से पहले अधिसूचना जारी नहीं हुई, तो वे आगामी सत्र में इस मामले को फिर से सदन में उठाएंगे।
Read also: Galudih Pairaguri Case: मारपीट से आहत महिला ने खाया जहर, एमजीएम में भर्ती


