लूटपाट के दौरान पहचान लिए जाने के डर से हत्या का आरोप, पुलिस ने आभूषण, बाइक और मोबाइल किए बरामद
Palamu News: पलामू पुलिस ने गीता देवी हत्याकांड का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, लूटपाट के दौरान गीता देवी ने आरोपियों को पहचान लिया था। शोर मचाने पर पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल की गई दो बाइक, लूटे गए आभूषण, चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन, खून और मिट्टी लगे कपड़े तथा हत्या में इस्तेमाल की गई रस्सी बरामद की है। मामले की जांच विशेष टीम ने की। पुलिस अब घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
Palamu News: घर के पास धान के खेत में मिला था गीता देवी का शव
पुलिस के मुताबिक, शशि पासवान ने 20 अक्टूबर की रात अपनी पत्नी गीता देवी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि गीता देवी दुर्गा पूजा पंडाल से घर लौट रही थीं। इसी दौरान उनके अपहरण की आशंका जताई गई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की।
अगले दिन, 21 अक्टूबर की दोपहर गीता देवी का शव घर के पास धान के खेत में मिला। शव संदिग्ध और क्षत-विक्षत अवस्था में था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी। शुरुआती जांच के बाद मामले में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों से पूछताछ शुरू की।
Palamu News: दशमी की रात लूटपाट की बनाई थी योजना
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि दशमी के दिन पूजा पंडाल देखने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग पर लूटपाट की योजना बनाई थी। रात में गीता देवी घर लौट रही थीं। इसी दौरान आरोपियों ने उन्हें अकेला पाकर खेत की ओर ले जाने और उनके आभूषण लूटने की बात स्वीकार की।
पुलिस का दावा है कि आभूषण लूटने के बाद गीता देवी ने शोर मचाया। आरोपियों को आशंका हुई कि उनकी पहचान उजागर हो जाएगी। इसी दौरान उनके साथ मारपीट की गई और गला दबाकर हत्या कर दी गई। हालांकि, घटना से जुड़े इन तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी। गिरफ्तार आरोपियों को फिलहाल मामले में आरोपी बनाया गया है। उनकी दोषसिद्धि का फैसला अदालत करेगी।
चार आरोपियों की गिरफ्तारी, कई सामान बरामद
पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें नावाबाजार थाना क्षेत्र के दीपरंजन पांडेय उर्फ छोटू उर्फ कारू (22 वर्ष), रोहित पांडेय (24 वर्ष) और आकाश शुक्ला उर्फ भूलन शुक्ला (26 वर्ष) शामिल हैं। वहीं, पड़वा थाना क्षेत्र के विक्की पासवान उर्फ विकास पासवान (25 वर्ष) को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर दो बाइक बरामद की हैं। इनके अलावा गीता देवी के लूटे गए आभूषण, चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन, खून और मिट्टी लगे कपड़े तथा वारदात में इस्तेमाल की गई रस्सी भी जब्त की गई है। पुलिस इन बरामद वस्तुओं को जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य मान रही है।
आरोपियों के खिलाफ पहले से दर्ज हैं मामले
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में कुछ का आपराधिक इतिहास भी रहा है। मुख्य आरोपी दीपरंजन पांडेय के खिलाफ नावाबाजार थाना में वर्ष 2023 से 2025 के बीच कई मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
वहीं, आकाश शुक्ला के खिलाफ सदर थाना क्षेत्र में आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज है। विक्की पासवान के खिलाफ पड़वा और शहर थाना क्षेत्रों में चोरी तथा अन्य धाराओं से जुड़े मामले दर्ज होने की बात पुलिस ने कही है। इन मामलों का विवरण संबंधित पुलिस रिकॉर्ड से जुड़ा है। इनका वर्तमान कानूनी दर्जा अलग-अलग हो सकता है।
विश्रामपुर एसडीपीओ के नेतृत्व में बनी थी विशेष टीम
हत्याकांड की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विश्रामपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चिरंजीव मंडल के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई थी। टीम ने छापेमारी और पूछताछ के जरिए मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया।
इस टीम में प्रशिक्षु डीएसपी सह विश्रामपुर थाना प्रभारी मृत्युंजय गोप, नावाबाजार थाना प्रभारी संजय कुमार यादव, पांड़ू कैम्प रेहला के अंचल निरीक्षक रामाशीष पासवान और पड़वा थाना प्रभारी अंचित कुमार शामिल थे। इनके अलावा विभिन्न थानों के पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल के जवान भी कार्रवाई में शामिल रहे।
पुलिस जांच के बाद सामने आई वारदात की कहानी
गीता देवी की हत्या के मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी और सामान की बरामदगी को पुलिस ने जांच की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। पुलिस के अनुसार, लूटपाट और पहचान उजागर होने के डर से हत्या किए जाने की बात पूछताछ में सामने आई है।
फिलहाल मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई जारी है। बरामद सामान और अन्य साक्ष्यों की जांच के साथ घटना से संबंधित तथ्यों को कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जाएगा। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में होगा।


