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Potka News: एसआईआर के खिलाफ किसान-मजदूरों का प्रदर्शन

हाता के बिरसा चौक पर रैली, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग

Potka News: पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड अंतर्गत हाता स्थित ऐतिहासिक बिरसा चौक पर शुक्रवार को किसानों और मजदूरों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में प्रदर्शन किया। संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर आयोजित इस रैली का नेतृत्व ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन (एआईकेकेएमएस) ने किया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग उठाई। इस दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।

Potka News: नुक्कड़ सभा में एसआईआर प्रक्रिया पर उठाए सवाल

रैली के बाद बिरसा चौक पर नुक्कड़ सभा आयोजित की गई। इसमें किसान और मजदूर नेताओं ने एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। वक्ताओं का आरोप था कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान गरीबों, किसानों और सीमांत मजदूरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मतदान लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण अधिकार है। इसलिए मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। नेताओं ने मांग की कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम बिना उचित जांच के सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए।

Potka News: झारखंड में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने पर जताई चिंता

सभा में वक्ताओं ने दावा किया कि एसआईआर के तहत झारखंड में करीब 55 लाख वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। हालांकि, यह आंकड़ा प्रदर्शनकारियों का दावा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, अगस्त 2026 में जारी प्रारूप मतदाता सूची में पहले की सूची की तुलना में 43,61,987 नाम कम थे। चुनाव अधिकारियों ने बताया था कि इनमें मृत, स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके, अनुपस्थित और एक से अधिक जगहों पर दर्ज मतदाताओं के नाम शामिल थे। ऐसे में प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि नाम हटाए जाने से जुड़े मामलों की जांच की जाए और पात्र नागरिकों को सूची में दोबारा शामिल करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

पात्र मतदाताओं का नाम दोबारा जोड़ने की मांग

सभा में शामिल नेताओं ने कहा कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनके मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति मतदान के लिए पात्र है, तो उसका नाम सूची में शामिल किया जाना चाहिए। वक्ताओं ने यह भी मांग की कि प्रभावित नागरिकों को अपना पक्ष रखने और जरूरी दस्तावेज जमा करने का उचित अवसर मिले। उनके अनुसार, मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे पात्र लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।

मतदान का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद: प्रदर्शनकारी

प्रदर्शनकारियों ने मतदान के अधिकार को लोकतंत्र का आधार बताते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक को चुनाव में भाग लेने का अवसर मिलना चाहिए। नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से एसआईआर प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से संबंधित किसी भी शिकायत का समय पर निपटारा होना चाहिए। साथ ही, सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी सभा के दौरान दोहराई गई।

कृष्ण चंद्र साहू समेत कई संगठन के नेता हुए शामिल

हाता के बिरसा चौक पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के जिला सचिव कृष्ण चंद्र साहू, अध्यक्ष देवेंद्र महतो, धीरेन भकत, सोनोका महतो, विजन सरदार, अंबिका महतो और सुनील महतो सहित कई किसान एवं मजदूर कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए एसआईआर प्रक्रिया रद्द करने की मांग का समर्थन किया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा और मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है। प्रदर्शन के जरिए संगठन ने अपनी मांगें सरकार और चुनाव आयोग तक पहुंचाने का प्रयास किया।

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