सिद्धू-कान्हू बस्ती में घर पहुंचकर मारपीट करने का आरोप, गणेश राव ने पुलिस से मांगी सुरक्षा
Jamshedpur News: जमशेदपुर के बर्मामाइंस थाना क्षेत्र की सिद्धू-कान्हू बस्ती में बुधवार सुबह एक ऑटो चालक पर हमले का मामला सामने आया है। घायल चालक की पहचान गणेश राव के रूप में हुई है। गणेश राव का आरोप है कि पहले फोन पर उनकी पत्नी के साथ गाली-गलौज की गई। इसके बाद कुछ लोग उनके घर पहुंचे और उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। घटना में उनके गर्दन, पेट, कमर और सिर समेत शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं। घटना के बाद गणेश राव और उनका परिवार डरा हुआ है। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से सुरक्षा देने और मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
Jamshedpur News: सुबह फोन आने के बाद शुरू हुआ विवाद
गणेश राव के अनुसार, बुधवार सुबह करीब सात बजे उनके परिवार के पास एक अनजान नंबर से फोन आया था। उनकी पत्नी रेशमा ने फोन उठाया। आरोप है कि फोन करने वाले व्यक्ति ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और गाली-गलौज की।
इसके बाद गणेश राव ने खुद फोन पर बात की। उनका आरोप है कि दूसरी तरफ से उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। गणेश राव ने इस मामले में अमन बहरा, मोहम्मद बशीर और शिपु नाम के व्यक्तियों का उल्लेख किया है। हालांकि, फोन पर हुए विवाद की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का बयान सामने नहीं आया है।
Jamshedpur News: घर पहुंचकर हमला करने का लगाया आरोप
गणेश राव का कहना है कि फोन पर हुए विवाद के कुछ देर बाद सुबह करीब आठ बजे कुछ लोग उनके घर पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने दरवाजा जोर-जोर से पीटना शुरू कर दिया। दरवाजा खुलते ही उनके साथ बहस और गाली-गलौज होने लगी। इसके बाद उन पर हमला किया गया।
गणेश राव के मुताबिक, हमले में उन्हें शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। गर्दन, पेट, कमर और सिर में चोट लगने की बात कही गई है। घटना के दौरान आसपास क्या हुआ और हमले में किसकी क्या भूमिका रही, इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
घटना के बाद परिवार में डर का माहौल
हमले के बाद गणेश राव और उनके परिवार की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि घटना के बाद उन्हें अपनी और परिवार के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर डर सता रहा है। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है।
गणेश राव चाहते हैं कि पुलिस मामले की जांच करे और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है, ताकि भविष्य में किसी तरह की अनहोनी की आशंका न रहे।
पुलिस कार्रवाई और जांच पर टिकी नजर
मामले में फोन पर हुए विवाद, घर पहुंचने और हमले के आरोपों की जांच महत्वपूर्ण होगी। पुलिस के लिए संबंधित लोगों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की पुष्टि करना जरूरी होगा। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया, प्राथमिकी दर्ज होने या किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं है।
गणेश राव ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। अब मामले में पुलिस की जांच और आधिकारिक पक्ष सामने आने का इंतजार है। आरोपों की पुष्टि होने और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।


