आदित्यपुर फुटबॉल मैदान में देर रात हादसा, मानगो निवासी रानी महाकुड़ का टीएमएच में चल रहा इलाज
Adityapur Fair Accident: सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर फुटबॉल मैदान में लगे मेले में रविवार देर रात झूले से गिरकर रानी महाकुड़ गंभीर रूप से घायल हो गईं। वह मानगो की निवासी हैं। हादसे के बाद उन्हें इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में भर्ती कराया गया। परिजनों के मुताबिक, गिरने से उनकी हंसली (कॉलर बोन) टूट गई है। घटना रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है। परिजनों ने झूला संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि झूला रुकने के बाद महिला नीचे उतर रही थीं, तभी उसे अचानक दोबारा चालू कर दिया गया। इससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गईं। हालांकि, हादसे के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर संबंधित पक्षों का आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है।
Adityapur Fair Accident: झूला दोबारा चालू होने से बिगड़ा संतुलन, नीचे गिरीं रानी महाकुड़
परिजनों के अनुसार, रानी महाकुड़ अपने परिवार के साथ मेला घूमने पहुंची थीं। इसी दौरान वह बिजली से चलने वाले झूले पर बैठीं। झूला रुकने के बाद वह नीचे उतर रही थीं। आरोप है कि इसी बीच झूला संचालक ने अचानक उसे दोबारा चालू कर दिया। इससे रानी महाकुड़ का संतुलन बिगड़ गया और वह ऊंचाई से नीचे गिर गईं।
हादसे के बाद मेले में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। घायल महिला को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। परिजनों का कहना है कि गिरने के कारण उनकी हंसली की हड्डी टूट गई है। फिलहाल टीएमएच में उनका इलाज चल रहा है। चोट की गंभीरता और आगे के उपचार को लेकर विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी सामने नहीं आई है।
Adityapur Fair Accident: इलाज के खर्च को लेकर परिवार की चिंता
घायल महिला के परिजनों ने बताया कि इलाज में काफी खर्च आने की आशंका है। अचानक हुए हादसे से परिवार परेशान है। उनका आरोप है कि घटना के बाद झूला संचालित करने वाले लोग मौके से हट गए। इससे परिवार की चिंता और बढ़ गई।
परिजनों के मुताबिक, हादसे के समय झूले पर अन्य लोग भी मौजूद थे। उन्हें भी काफी देर तक ऊपर ही रहना पड़ा। हालांकि, झूले पर सवार अन्य लोगों की स्थिति और उन्हें नीचे उतारने में हुई देरी के संबंध में स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
मेले में झूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद मेले में लगाए गए झूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे आयोजनों में झूले को रोकने, यात्रियों को सुरक्षित उतारने और दोबारा चालू करने के दौरान सावधानी बरतना जरूरी होता है। संचालकों की जिम्मेदारी है कि हर यात्री के सुरक्षित उतरने के बाद ही झूले को फिर से चलाया जाए।
हालांकि, इस मामले में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। झूले के संचालन से संबंधित सुरक्षा इंतजामों और घटना के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया की जांच जरूरी है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर हादसे की जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकती।
परिजनों ने संचालक पर कार्रवाई की मांग की
रानी महाकुड़ के परिवार ने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि यदि झूले के संचालन में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित संचालक के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने महिला के इलाज का पूरा खर्च भी मेला संचालक से दिलाने की मांग की है।
फिलहाल घायल महिला का इलाज टीएमएच में चल रहा है। घटना को लेकर झूला संचालक या संबंधित प्रशासन की ओर से आधिकारिक पक्ष सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। जांच और संबंधित पक्षों के बयान के बाद ही हादसे की परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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