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Jamshedpur News: करीम सिटी कॉलेज में मना सर सैयद दिवस

शिक्षा, विज्ञान और तकनीक में सर सैयद अहमद खान के योगदान को किया याद

Jamshedpur News: जमशेदपुर में शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को सर सैयद दिवस मनाया गया। करीम सिटी कॉलेज और एएमयू एलुमनाई एसोसिएशन, जमशेदपुर के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित हुआ। कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में सर सैयद अहमद खान के शैक्षिक विचारों, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और समाज सुधार के प्रयासों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है। सर सैयद ने अपने विचारों और प्रयासों से आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने का काम किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करीम सिटी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज ने की। मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की प्रोफेसर एवं प्रमुख डॉ. खुशबू जुनेजा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।

Jamshedpur News: सर सैयद के विचारों और योगदान को किया याद

कार्यक्रम में वक्ताओं ने सर सैयद अहमद खान के जीवन और उनके शैक्षिक उद्देश्यों पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि सर सैयद ने ऐसे समय में आधुनिक शिक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया, जब समाज में नई शिक्षा पद्धतियों को अपनाने की जरूरत थी। उनका मानना था कि शिक्षा के माध्यम से लोगों में जागरूकता बढ़ाई जा सकती है। इससे समाज को प्रगति की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। समारोह में उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने उनके विचारों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताया।

Jamshedpur News: राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की भूमिका पर जोर

करीम सिटी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में सर सैयद अहमद खान के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सर सैयद ने राष्ट्र के विकास के लिए अपने विचारों, भावनाओं और अथक प्रयासों से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कार्यों ने शिक्षा और समाज सुधार के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। डॉ. रेयाज के अनुसार, उनके विचारों से आज भी प्रेरणा ली जा सकती है। शिक्षा के प्रसार और नई सोच को प्रोत्साहित करना समाज की प्रगति के लिए जरूरी है।

उन्होंने सर सैयद के प्रयासों को याद करते हुए कहा कि उनके विचारों ने आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्ग प्रशस्त किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी उनके शैक्षिक दृष्टिकोण और समाज के प्रति योगदान को महत्वपूर्ण बताया।

विज्ञान और तकनीक को आगे बढ़ाने की जरूरत

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. खुशबू जुनेजा ने अपने संबोधन में विज्ञान और तकनीक की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सर सैयद अहमद खान समझते थे कि किसी राष्ट्र के निर्माण और विकास में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की अहम भूमिका होती है। इसी सोच के साथ उन्होंने ऐसी शैक्षिक और सांस्कृतिक दृष्टि को बढ़ावा दिया, जिसमें अपनी संस्कृति के साथ विज्ञान और तकनीक के अध्ययन तथा शोध को भी महत्व मिले।

डॉ. जुनेजा के विचारों में आधुनिक ज्ञान और सांस्कृतिक पहचान के बीच संतुलन की आवश्यकता प्रमुख रही। उन्होंने सर सैयद के दृष्टिकोण को याद करते हुए बताया कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक सोच और नई तकनीकों को अपनाना जरूरी है। शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी हासिल करना नहीं, बल्कि लोगों को बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना भी है। विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में शोध को प्रोत्साहन देने से राष्ट्र के विकास को नई दिशा मिल सकती है।

स्वागत भाषण से हुई कार्यक्रम की शुरुआत

समारोह की शुरुआत में डॉ. फिरोज आलम ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल अतिथियों और उपस्थित लोगों का स्वागत किया। इसके बाद वक्ताओं ने सर सैयद अहमद खान के जीवन, शिक्षा के प्रति उनके दृष्टिकोण और समाज में जागरूकता लाने के उनके प्रयासों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का उद्देश्य उनके विचारों को याद करना और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान से नई पीढ़ी को परिचित कराना रहा।

करीम सिटी कॉलेज और एएमयू एलुमनाई एसोसिएशन, जमशेदपुर की संयुक्त पहल के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कृति और वैज्ञानिक सोच के महत्व को प्रमुखता दी गई। वक्ताओं ने सर सैयद के विचारों को वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य से जोड़कर देखने की जरूरत पर भी बल दिया।

गजल गायकी के साथ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के अंतिम चरण में स्पार्क के कलाकारों ने गजल गायकी की प्रस्तुति दी। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम ने समारोह को साहित्यिक और संगीतमय रंग दिया। गजलों के माध्यम से उपस्थित लोगों को संगीत का आनंद लेने का अवसर मिला। सर सैयद दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में विचार-विमर्श के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुति भी शामिल रही।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. यहिया इब्राहिम ने किया। शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और संस्कृति पर केंद्रित इस आयोजन के जरिए सर सैयद अहमद खान के विचारों और योगदान को याद किया गया। समारोह में उनके शैक्षिक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने तथा समाज में ज्ञान और वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करने के महत्व को रेखांकित किया गया।

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