पीएम मोदी ने गोल्ड मेडल विजेता तीरंदाजों को सराहा, भारत ने जीते कुल 85 पदक
Delhi Arjun Munda: दिल्ली में भव्य खेल सम्मान समारोह हुआ। मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में खिलाड़ी पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पदक विजेताओं का सम्मान किया। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा भी समारोह में शामिल हुए। वे भारतीय तीरंदाजी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन को सराहा। उन्होंने कहा, खिलाड़ियों ने तिरंगे की शान बढ़ाई है। देश को अपने इन होनहारों पर गर्व है।
Delhi Arjun Munda: तीरंदाजों ने जीते पांच स्वर्ण समेत कुल नौ पदक
अर्जुन मुंडा ने भारतीय तीरंदाजों की जमकर तारीफ की। तीरंदाजों ने पांच स्वर्ण सहित नौ पदक जीते। यह सफलता पूरे देश के लिए गौरव की बात है। दबाव के बीच खिलाड़ियों ने सटीक निशाने साधे। उनकी अद्भुत एकाग्रता ने देश को सम्मान दिलाया। यह प्रदर्शन युवा तीरंदाजों के लिए बड़ा प्रेरणास्रोत है। मुंडा ने खिलाड़ियों और कोचों को बधाई दी। यह सफलता खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत का नतीजा है।
Delhi Arjun Munda: जापान के आइची-नागोया में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन
एशियन गेम्स का आयोजन जापान के आइची-नागोया में हुआ था। भारतीय दल ने कुल 85 पदक अपने नाम किए। इनमें 21 स्वर्ण और 27 रजत पदक शामिल हैं। साथ ही खिलाड़ियों ने 37 कांस्य पदक भी जीते। पदक तालिका में भारत चौथे पायदान पर रहा। यह प्रदर्शन भारतीय खेल इतिहास में दर्ज हो गया। खिलाड़ियों के दृढ़ संकल्प से यह मुकाम हासिल हुआ। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की खेल साख और बढ़ी।
महिला खिलाड़ियों ने जीते 11 स्वर्ण सहित 38 पदक
प्रधानमंत्री ने महिला शक्ति के योगदान को विशेष रेखांकित किया। भारत के 85 पदकों में 38 पदक बेटियों ने जीते। महिला खिलाड़ियों ने 11 स्वर्ण पदक अपने नाम किए। यह उपलब्धि सशक्त होते नए भारत की तस्वीर है। खेल के हर मैदान में बेटियां आगे बढ़ रही हैं। उनका आत्मविश्वास पूरे देश को प्रेरित कर रहा है। पूरे विश्व में भारत की नारी शक्ति का डंका बजा। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को नई राह दिखाएगी।
अपने शुरुआती खेल मैदानों और स्कूलों में जाएं खिलाड़ी: मोदी
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से एक खास अपील की। उन्होंने कहा, खिलाड़ी अपने पैतृक गांवों और शहरों में जाएं। उन स्कूलों और खेल मैदानों का जरूर दौरा करें। जहां से उन्होंने अपनी खेल यात्रा की शुरुआत की थी। वहां जाकर बच्चों से अपने अनुभव साझा करें। आपका मार्गदर्शन नई पीढ़ी को खेलों की ओर आकर्षित करेगा। बच्चों को खेलों में करियर बनाने की प्रेरणा मिलेगी। इससे देश में एक नया खेल माहौल तैयार होगा।
खिलाड़ियों के निरंतर संवाद से बढ़ता है आत्मविश्वास
अर्जुन मुंडा ने प्रधानमंत्री की सोच की सराहना की। उन्होंने कहा, ऐसे संवाद से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है। शीर्ष नेतृत्व के प्रोत्साहन से नया जोश मिलता है। इससे आगामी वैश्विक प्रतियोगिताओं के लिए ऊर्जा मिलती है। उन्होंने सभी सहयोगी स्टाफ और परिजनों का आभार जताया। खेल संघों के समन्वित प्रयासों को भी सराहा। उन्होंने भविष्य के मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं दीं। भारत आने वाले वर्षों में और बेहतर प्रदर्शन करेगा।
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