- कर्रा प्रखंड के चिद्दी गांव में तड़के हाथियों के झुंड ने मचाया उत्पात, किसानों को भारी आर्थिक नुकसान, वन विभाग से मुआवजे और सुरक्षा की मांग
Khunti: झारखंड के खूंटी जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही से लोगों के बीच भय का माहौल बना हुआ है। इसी क्रम में शनिवार तड़के कर्रा प्रखंड के चिद्दी गांव स्थित कोन्हप्पा टोले में हाथियों के एक झुंड ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया। हाथियों ने सड़क किनारे रखे धान के ढेर को निशाना बनाते हुए करीब पांच क्विंटल धान खा लिया और शेष धान को बर्बाद कर दिया।
तड़के तीन बजे गांव में पहुंचे हाथी
ग्रामीणों के अनुसार शनिवार सुबह करीब तीन बजे गांव के कुत्ते लगातार भौंकने लगे। इससे लोगों को अंदेशा हो गया कि हाथियों का झुंड गांव के आसपास पहुंच चुका है। हालांकि हाथियों के डर से कोई भी ग्रामीण घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सका।स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथियों का झुंड अक्सर रात के समय गांवों में प्रवेश कर जाता है, जिससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
Jharkhand News: किसान लक्ष्मण उरांव को हुआ भारी नुकसान
जानकारी के अनुसार किसान लक्ष्मण उरांव ने अपना धान सड़क किनारे रखा हुआ था। हाथियों के झुंड ने उसी धान के ढेर पर हमला कर दिया। सुबह जब ग्रामीण बाहर निकले तो देखा कि धान पूरी तरह तहस-नहस हो चुका है। ग्रामीणों के मुताबिक हाथियों ने करीब पांच क्विंटल धान खा लिया और बाकी धान को रौंदकर नष्ट कर दिया। इससे किसान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग से सुरक्षा की मांग
घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में हाथियों की लगातार आवाजाही से जान-माल का खतरा बना हुआ है। लोगों ने वन विभाग से हाथियों की निगरानी बढ़ाने और प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की है। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांवों में बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए, हाथियों की गतिविधियों की समय पर जानकारी उपलब्ध कराई जाए तथा हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने के लिए टॉर्च, पटाखे और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
Jharkhand News: मुआवजे की मांग तेज
ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावित किसान लक्ष्मण उरांव को उचित मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही हाथी प्रभावित इलाकों में विशेष निगरानी अभियान चलाने और स्थायी समाधान निकालने की अपील की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में हाथियों के कारण जान-माल का नुकसान और बढ़ सकता है।
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