जैन समाज ने धूमधाम से मनाया भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव
Jamshedpur Mahavir Jayanti : महावीर जयंती के पावन अवसर पर जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित जैन समाज की ओर से भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक महोत्सव के तहत मंगलवार को भव्य शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से सराबोर इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरा वातावरण धार्मिक रंग में रंगा नजर आया, जहां भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच शोभायात्रा आगे बढ़ती रही। विधायक सरयू राय ने किया स्वागत, श्रद्धालुओं की सेवा में दिखी सक्रियता शोभायात्रा का स्वागत जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने अपने आवास के समीप किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं आगे बढ़कर श्रद्धालुओं को फलाहार और शर्बत वितरित किया। इस मौके पर सरयू राय ने कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और यह भावना सभी धर्मों में समान रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ संवाद करते हुए सेवा और मानवता के महत्व को रेखांकित किया।
साध्वियों का आशीर्वाद, आध्यात्मिक माहौल से गूंजा क्षेत्र
इस अवसर पर राजगीर से पधारीं साध्वी सधान्जी और साध्वी कल्याणी को विधायक सरयू राय ने नमन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उनकी उपस्थिति से कार्यक्रम का आध्यात्मिक माहौल और भी गरिमामय हो गया। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुशासन और परंपराओं का पालन करते हुए भगवान महावीर के उपदेशों को स्मरण किया।
समाज के गणमान्य लोगों की रही सक्रिय भागीदारी
इस आयोजन में जैन समाज के कई प्रमुख लोग शामिल हुए, जिनमें राजेन भाई कमानी, नकुल भाई कमानी, हर्षद भाई गांधी, परेशभाई सेठ, नरेंद्र भाई दोशी, मुकेश भाई गांधी, मिलन भाई वैद्य, भाविन भाई मोदी, मनीष भाई उड़ानी, किलोल भाई भयाणी, राहुल भाई भयाणी, चंद्रकांत देसाई और धीरेन मेहता सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में सरयू राय के सेवा भाव की सराहना की और इस आयोजन को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाई।
सेवा कार्यों में जुटे समाजसेवी, सामूहिक प्रयास की मिसाल
शोभायात्रा के दौरान विधायक आवास के समीप श्रद्धालुओं की सेवा में कई समाजसेवी सक्रिय रूप से जुड़े रहे। इनमें अशोक गोयल, सुबोध श्रीवास्तव, देव कुमार वर्मा, सन्नी सिंह, दिनेश सिंह, उदय मंडल और अमित देउड़ी सहित अन्य लोग शामिल थे। इन सभी ने मिलकर सेवा कार्यों को सफलतापूर्वक संचालित किया, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।



