spot_img
spot_img
Homeकोल्हान प्रमंडलजमशेदपुरPatna-Tata Vande Bharat food complaint : वंदे भारत एक्सप्रेस में भोजन पर...

Related Posts

Patna-Tata Vande Bharat food complaint : वंदे भारत एक्सप्रेस में भोजन पर सवाल, दही में मिले कीड़े, ठेकेदार पर 50 लाख जुर्माना व अनुबंध समाप्त, IRCTC पर भी कार्रवाई

Patna-Tata Vande Bharat food complaint : पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस में भोजन की गुणवत्ता को लेकर सामने आए गंभीर मामले में रेलवे ने सख्त कार्रवाई की है। एक यात्री को परोसे गए पैकेटबंद दही में कीड़े मिलने के बाद संबंधित सेवा प्रदाता का अनुबंध समाप्त कर दिया गया है। साथ ही कंपनी पर 50 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया गया है। रेल मंत्रालय ने इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने को लेकर अपनी ही कंपनी भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) पर भी 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

यात्री ने सोशल मीडिया पर उठाया मुद्दा, मामला हुआ वायरल

यह घटना 15 मार्च 2026 की है, जब ट्रेन संख्या 21896 (पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस) में यात्रा कर रहे सात यात्रियों को रात के भोजन के साथ एक प्रतिष्ठित ब्रांड का पैकेटबंद दही परोसा गया। दही का पैकेट खोलते ही उसमें जीवित कीड़े नजर आए, जिससे यात्रियों में आक्रोश फैल गया। यात्री रितेश सिंह ने तुरंत अपने ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर आईआरसीटीसी और रेल मंत्री को टैग करते हुए इस मामले को सार्वजनिक किया।

रिपोर्ट में खुलासा: पटना से सप्लाई हुआ था दही

आईआरसीटीसी की घटना-सह-कार्रवाई रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित दही का पैकेट पटना से लाया गया था। उस पर निर्माण तिथि 9 मार्च 2026 और उपभोग की अंतिम तिथि 7 अप्रैल 2026 अंकित थी। घटना के बाद अधिकारियों ने यात्रियों से माफी मांगते हुए उन्हें मेवे और मिठाई परोसी। हालांकि, यात्रियों ने अपनी शिकायत वापस लेने से इनकार कर दिया और वीडियो को वायरल करने की बात कही।

पहले मामूली जुर्माना, बाद में मंत्रालय ने बढ़ाई सख्ती

शुरुआती कार्रवाई में विक्रेता ‘कृष्णा एंटरप्राइजेज’ पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाकर चेतावनी दी गई थी। साथ ही कोल्ड चेन बनाए रखने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन आईआरसीटीसी की इस कार्रवाई को अपर्याप्त मानते हुए रेल मंत्रालय ने हस्तक्षेप किया और जुर्माना बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया। साथ ही कंपनी का अनुबंध समाप्त करने का आदेश भी जारी किया गया।

रेल मंत्रालय का सख्त संदेश: गुणवत्ता से समझौता नहीं

रेल मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और भोजन की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्रालय ने आईआरसीटीसी को भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ट्रेन सेवाओं की कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी पर्यवेक्षकों को खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और गुणवत्ता मानकों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया गया है।

खाद्य सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर रेलवे में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का भरोसा बनाए रखने के लिए अब सख्त निगरानी और पारदर्शिता की जरूरत महसूस की जा रही है।

Latest Posts