Jamshedpur/Jharkhand : महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर जमशेदपुर का सोनारी दोमुहानी संगम घाट श्रद्धा और भक्ति के अलौकिक केंद्र में तब्दील हो गया। पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की अगुवाई में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने पूरी लौहनगरी को शिवमय कर दिया। बनारस के प्रसिद्ध अस्सी घाट के आशुतोष महाराज के नेतृत्व में पंडितों के समूह ने जब मां स्वर्णरेखा की आरती शुरू की, तो वहां मौजूद हजारों श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। शंखध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुए इस आयोजन ने काशी की दिव्यता का अहसास जमशेदपुर में करा दिया।
बन्ना गुप्ता व सुधा गुप्ता ने किया नदी पूजन
महाशिवरात्रि के इस विशेष उत्सव की शुरुआत नदी पूजन से हुई। पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने अपनी धर्मपत्नी सुधा गुप्ता के साथ मिलकर विधिवत रूप से मां स्वर्णरेखा की आराधना की। नदी पूजन के माध्यम से उन्होंने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। पूजन के पश्चात आयोजित भव्य आरती के दौरान समूचा क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय शिव शंभू’ के नारों से गुंजायमान हो उठा।
भव्य आतिशबाजी और फूलों की वर्षा ने मोह लिया मन
कार्यक्रम के दौरान संगम तट पर की गई अलौकिक पुष्प वर्षा और शानदार आतिशबाजी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। आकाश में बिखरती रोशनी और जमीन पर शिव भक्ति के तरानों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया।
- सांस्कृतिक प्रस्तुति : स्थानीय कलाकार कृष्ण मूर्ति ने भजनों की अमृत वर्षा कर भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
- विशेष आकर्षण : भगवान शिव से जुड़ी विभिन्न कलाकृतियां और संगम तट पर स्थापित शिव प्रतिमा ने श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींचा।
विकास और श्रद्धा का मेल
उल्लेखनीय है कि सोनारी दोमुहानी संगम क्षेत्र को पर्यटन और धार्मिक दृष्टिकोण से विकसित करने में बन्ना गुप्ता ने मंत्री रहते हुए विशेष रुचि ली थी। उन्हीं के प्रयासों से आज यह क्षेत्र एक सुंदर और व्यवस्थित घाट के रूप में उभरा है, जहाँ भगवान शिव की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। हजारों की संख्या में उमड़े शिव भक्तों का जुटान इस बात का गवाह बना कि यह स्थान अब जमशेदपुर की धार्मिक पहचान बन चुका है।



